Big meeting of NDA allies in Delhi BJP did not participate commotion spread till Lucknow दिल्ली में NDA के सहयोगियों की बड़ी मीटिंग, नहीं पहुंची BJP; लखनऊ तक मची हलचल, India News in Hindi - Hindustan
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दिल्ली में NDA के सहयोगियों की बड़ी मीटिंग, नहीं पहुंची BJP; लखनऊ तक मची हलचल

बीजेपी के OBC सहयोगी दलों ने दिल्ली में एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान BJP के बड़े नेता अनुपस्थित रहे। इन पार्टियों ने खुद को 'असली PDA' बताते हुए आरक्षण की मांग की और UP विधानसभा के 'घेराव' की चेतावनी दी।

Fri, 22 Aug 2025 11:48 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।
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दिल्ली में NDA के सहयोगियों की बड़ी मीटिंग, नहीं पहुंची BJP; लखनऊ तक मची हलचल

दिल्ली में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाली पार्टियों की एक बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस कार्यक्रम में सत्तारूढ़ पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेता अनुपस्थित रहे। खुद को वास्तविक पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मंच बताते हुए, बुधवार को तालकटोरा स्टेडियम में जाट, राजभर, निषाद और पटेल समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले चार दलों ने भाजपा और विपक्ष दोनों का ध्यान खींचा। इस बैठक ने दिल्ली से लखनऊ तक हलचल मचा दी है।

इस कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए। निषाद पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम दिल्ली में उनकी पार्टी के 10वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित किया गया था, इसलिए नेता अनुपस्थित थे।

विधानसभा घेराव की चेतावनी और आरक्षण की मांग

इस दौरान निषाद पार्टी के नेता और राज्य मंत्री संजय निषाद ने लोगों से आह्वान किया कि यदि उनके समुदायों की आरक्षण की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो यूपी विधानसभा का घेराव किया जाएगा। यह मांग दिल्ली से लखनऊ तक हलचल पैदा कर रही है। संजय निषाद ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, "यूपी में एक पीडीए का नैरेटिव चल रहा है, लेकिन यह मंच पीडीए नेतृत्व की एकता के लिए वास्तविक मंच था। जब सभी को एक जैसा दर्द महसूस होता है, तो क्या मंच एक जैसा नहीं हो सकता?" उन्होंने कहा कि राजनीतिक इतिहास ने दिखाया है कि जब ये समुदाय एक साथ आते हैं तो वे शक्तिशाली बन जाते हैं।

उनके साथी यूपी मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता ओम प्रकाश राजभर ने भी निषाद के घेराव के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा ने पिछले 70 सालों में पिछड़े और अनुसूचित जातियों का शोषण किया है।

भाजपा और सपा की प्रतिक्रिया

इस आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल ने कहा कि सत्ता की चाबी मंच पर मौजूद चार पार्टियों के पास है। उन्होंने कहा, "आज असली पीडीए इस मंच पर मौजूद है - आरएलडी (राष्ट्रीय लोक दल), सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल (एस)। सत्ता की चाबी इन चार पार्टियों के पास है।"

वहीं, यूपी भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मतभेदों की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "सहयोगियों के बीच न कोई मतभेद है और न ही कोई मनभेद। राष्ट्रीय नेतृत्व उपराष्ट्रपति चुनाव के कारण उपस्थित नहीं हो सका।"

दूसरी ओर, सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इसे भाजपा प्रायोजित बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा अखिलेश यादव के पीडीए नैरेटिव से डरती है और अपने सहयोगियों के माध्यम से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।