भारत संग रिश्ते सुधारने की कोशिश में बांग्लादेश, दिल्ली आ रहे विदेश मंत्री खलीलुर रहमान, एजेंडे में क्या-क्या?
खलीलुर रहमान यूनुस सरकार का भी हिस्सा रह चुके हैं और वे तब पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान के मंत्रिमंडल में उनका नाम काफी चौंकाने वाला था।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अपने पहले विदेश दौरे पर भारत आ रहे हैं। मामले से परिचित लोगों ने बताया है कि रहमान अगले सप्ताह इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस के लिए मॉरीशस जाते समय नई दिल्ली रुकेंगे। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेशी विदेश मंत्री 8 अप्रैल को विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
गौरतलब है कि रहमान का दौरा कई मायनों में अहम है। यह प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सरकार के किसी वरिष्ठ नेता का भारत का पहला दौरा होगा। इससे पहले बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का शासन खत्म होने ही भारत बांग्लादेश के रिश्ते पटरी पर लौटने लगे हैं। यह भी दिलचस्प है कि रहमान यूनुस सरकार का भी हिस्सा रह चुके हैं। तब वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान के मंत्रिमंडल में उनका नाम काफी चौंकाने वाला था।
एजेंडे में क्या-क्या?
बांग्लादेशी विदेश मंत्री कई एजेंडे के साथ भारत आ रहे हैं। इनमें गंगा जल संधि का नवीनीकरण सबसे अहम है। वहीं पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के कारण हुई रुकावटों के बाद ढाका की तरफ से अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति की मांग भी एजेंडे का हिस्सा है। वहीं रहमान 2026-2027 के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षता के लिए बांग्लादेश के उम्मीदवार हैं। ऐसे में वे इस चुनाव के लिए भारत का समर्थन भी मांग सकते हैं।
गंगा जल संधि का निविनीकरण चाहता है बांग्लादेश
गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश ने 1996 में 30 साल के लिए गंगा जल बंटवारा समझौता किया था। इसकी मियाद दिसंबर 2026 में खत्म होने जा रही है। इससे पहले दोनों देशों ने इसके नवीनीकरण के लिए पहले ही चर्चा शुरू कर दी है। इससे पहले संधि के अपने अंतिम वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही दोनों देशों ने इस साल की शुरुआत में पद्मा और गंगा नदियों पर संयुक्त जल मापन की प्रक्रिया भी शुरू की थी।
बांग्लादेश में ईंधन संकट
सूत्रों ने बताया है कि रहमान अपनी भारत यात्रा पर बांग्लादेश की हालिया अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति, विशेष रूप से डीजल की मांग का मुद्दा भी उठा सकते हैं। बता दें कि ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण बांग्लादेश में गम्भीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इस बीच भारतीय अधिकारियों ने बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों से अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति के अनुरोधों को स्वीकार किया है और कहा है कि इन अनुरोधों पर भारत की अपनी ऊर्जा जरूरतों, ईंधन स्टॉक की उपलब्धता और रिफाइनिंग क्षमता को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा। भारत ने बांग्लादेश को डीजल की कई खेप भी भेजी हैं।




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