नारों से कुछ नहीं होगा, संतों-शंकराचार्यों को गौरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी: बाबा रामदेव
योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा, ‘आज पतंजलि एक लाख गायों की रक्षा कर रहा है। हर शंकराचार्य को भी गौ माता की रक्षा का दायित्व लेना चाहिए। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने मात्र से गौ संरक्षण हासिल हो जाएगा?’

योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा कि गोरक्षा के लिए केवल नारे लगाने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संतों और शंकराचार्यों को गौ-संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। रामदेव ने पणजी में एक योग सत्र के बाद संवाददाताओं से कहा कि गौ-संरक्षण के लिए हर प्रयास ईमानदारी और निष्ठा के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल सम्मेलन आयोजित करने, नारे लगाने और गायों के नाम पर रक्तपात करने से गोरक्षा नहीं हो सकती।
योग गुरु ने कहा, ‘आज पतंजलि एक लाख गायों की रक्षा कर रहा है। हर शंकराचार्य को भी गौ माता की रक्षा का दायित्व लेना चाहिए। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने मात्र से गौ संरक्षण हासिल हो जाएगा?’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र और सनातन ज्ञान का केंद्र बने। रामदेव ने कहा कि स्वास्थ्य, कल्याण और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए लोगों को गोवा लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गोवा पर्यटन को लेकर क्या बोले बाबा रामदेव
बाबा रामदेव ने कहा, ‘आत्म-उपचार से लेकर आत्म-साक्षात्कार तक, हर चीज के लिए लोग यहां आ सकते हैं। गोवा एक खूबसूरत और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध स्थान है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए यहां आना चाहिए।’ रामदेव ने घोषणा की कि राज्य सरकार के समर्थन से गोवा में पतंजलि का सबसे बड़ा वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ‘पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल’ का लोकार्पण किया। यह हरिद्वार पतंजलि योगपीठ की ओर से संचालित विश्व की प्रथम एकीकृत चिकित्सा प्रणाली व योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय का वैश्विक केंद्र है। शाह ने अस्पताल का निरीक्षण किया और उसे विश्व का प्रथम हाइब्रिड अस्पताल बताया। उन्होंने योग गुरु स्वामी रामदेव व पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से बातचीत कर उनकी आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी ली।




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