असम चुनाव: अमीनुल इस्लाम ने थामा कांग्रेस का हाथ, कभी बदरुद्दीन के बाद थी नंबर 2 की हैसियत
असम विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर! AIUDF से निलंबित और मनकचर के विधायक अमीनुल इस्लाम ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जानें इस अहम राजनीतिक घटनाक्रम और असम चुनाव से जुड़ी पूरी खबर।

असम में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) में अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने और पार्टी छोड़ने के कुछ हफ्तों बाद, मनकचर के विधायक अमीनुल इस्लाम बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कभी एआईयूडीएफ (AIUDF) में 'नंबर दो' की हैसियत रखने वाले अमीनुल इस्लाम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा।
कांग्रेस में शामिल होने से पहले इस्लाम का राजनीतिक सफर कुछ उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने एआईयूडीएफ से इस्तीफा देने के बाद असम गण परिषद (AGP) में शामिल होने का मन बनाया था। हालांकि, अगप द्वारा उन्हें पार्टी का टिकट नहीं दिया गया, जिसके कारण उस पार्टी में उनका सफर बेहद छोटा रहा।
कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात को बताया 'सार्थक'
कांग्रेस का हिस्सा बनने के बाद, विधायक ने एक फेसबुक पोस्ट शेयर की। इस पोस्ट में उन्होंने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई, AICC महासचिव जितेंद्र सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ हुई अपनी मुलाकात को सार्थक और सौहार्दपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह चर्चा मनकचर के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण थी। उन्होंने इस बात पर भी पूरा भरोसा जताया कि इन मुलाकातों के परिणाम संभावनाओं से भरी एक नई यात्रा की शुरुआत करेंगे।
एआईयूडीएफ से छह साल के लिए निलंबन
इससे पहले मार्च के महीने में, अमीनुल इस्लाम को छह साल के लिए एआईयूडीएफ की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के अनुसार, एआईयूडीएफ के महासचिव हाफिज बशीर अहमद द्वारा जारी और हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया था कि इस्लाम की पार्टी विरोधी गतिविधियों को बार-बार विवादास्पद और पार्टी के हितों के लिए हानिकारक माना गया है।
आगामी चुनावों में असम के अंदर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लगातार अपना तीसरा कार्यकाल हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन को मात देकर राज्य की सत्ता में वापसी करने की पुरजोर कोशिश करेगी। भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने पिछले महीने को असम चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। असम की कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और मतगणना की तिथि 4 मई है।




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