Asif used to touch my chest under pretext of keypad woman working at TCS BPO recounts her ordeal 'कीपैड के बहाने मेरे स्तन छूता था आसिफ', TCS के BPO में काम करने वाली महिला की आपबीती, India News in Hindi - Hindustan
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'कीपैड के बहाने मेरे स्तन छूता था आसिफ', TCS के BPO में काम करने वाली महिला की आपबीती

इस मामले में अब तक विभिन्न पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर कुल नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी भी शामिल हैं।

Wed, 22 April 2026 09:22 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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'कीपैड के बहाने मेरे स्तन छूता था आसिफ', TCS के BPO में काम करने वाली महिला की आपबीती

TCS: धर्मांतरण को लेकर सुर्खियों में आए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक स्थित बीपीओ (BPO) सेंटर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जुलाई 2024 में एक एसोसिएट के रूप में कंपनी में शामिल हुई एक महिला कर्मचारी ने अपने साथ कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ऑफिस में देवी-देवताओं का अपमान किया गया और उसकी शारीरिक बनावट पर भद्दी टिप्पणी की गई। इस मामले में अब तक 12 से अधिक महिलाएं शिकायत दर्ज करा चुकी हैं।

कीपैड के बहाने प्राइवेट पार्ट्स को छुआ

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में गिरफ्तार आरोपी शफी शेख पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि एक दिन शफी उसके बगल में बैठ गया और अपने पैरों को उसके पैरों से रगड़ने लगा। हद तो तब हो गई जब उसने बगल में रखे कीपैड का उपयोग करने के बहाने पीड़िता के स्तन को छुआ। विरोध करने पर आरोपी केवल मुस्कुराया और वहां से चला गया।

पीड़िता के अनुसार, उत्पीड़न की शुरुआत जॉइनिंग के कुछ महीनों बाद ही सितंबर 2024 में एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान हो गई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आसिफ अंसारी उसके सामने खड़ा होकर उसके सीने को घूरता था और यौन संकेत वाले कमेंट करता था। अंसारी और अत्तार दोनों मिलकर अक्सर उसके शरीर और दिखावट पर अभद्र टिप्पणियां करते थे।

हिंदू देवी-देवताओं का अपमान

फरवरी 2026 में प्रताड़ना का स्तर शारीरिक से बढ़कर मानसिक और धार्मिक अपमान तक पहुंच गया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी तौसीफ अत्तार ने रामायण और महाभारत का हवाला देते हुए हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक ग्रंथों पर बेहद भद्दी और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। उसने निजी जीवन और बच्चों को लेकर ऐसे सवाल किए जो पीड़िता की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाले थे।

पीड़िता ने ऑफिस के वातावरण को डरावना बताया है। आरोप है कि आरोपी कर्मचारी बेखौफ होकर यह सब करते थे क्योंकि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था। पीड़िता का दावा है कि असिस्टेंट जनरल मैनेजर स्तर के अधिकारियों ने कर्मचारियों को शिकायत आगे बढ़ाने से हतोत्साहित किया और आरोपियों को बचाने का काम किया।

आपको बता दें कि इस मामले में अब तक विभिन्न पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर कुल नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी भी शामिल हैं। नौवीं आरोपी नीदा खान मुंबई में है। कोर्ट ने उसकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

टीसीएस का कहना है कि उसे 2022 से 2026 के बीच नासिक बीपीओ यूनिट से एथिक्स या पॉश (POSH) चैनलों के माध्यम से ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि मौखिक शिकायतों को दबा दिया गया था।