ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, भड़काऊ भाषण देने के आरोप में बंगाल में FIR
तृणमूल कांग्रेस के कथित बागी 19 सांसदों के दावे को ममता बनर्जी के समर्थक सांसदों ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि संविधान संशोधन के बाद किसी दल में विभाजन का प्रावधान समाप्त हो चुका है।

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कोलकाता में विधायकों ने बगावत कर दिया। वहीं, दिल्ली में 19 सांसदों ने भी अलग गुट बना लिया है। हाल ही में उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने पूछताछ की थी। अब खबर आ रही है कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्जी की गई है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप में ममता बनर्जी के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति ने नेताजी नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नौ मार्च को कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान बनर्जी की टिप्पणियां समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने वाली थीं।
अधिकारी ने बताया कि मामला शुरू में शून्य प्राथमिकी के तौर पर दर्ज किया गया था और इसे हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है। टीएमसी प्रमुख ने जिस जगह पर कथित तौर पर ये टिप्पणियां की थीं, वह इसी थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस बीच, एक वकील ने भी बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ बयानों को लेकर पुलिस में कायत दर्ज कराई है। यह शिकायत कलकत्ता होईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच की अधिवक्ता रिंकू चटर्जी सिंह ने सिलीगुड़ी के साइबर थाने में दी है।
अभिषेक के जवाब से संतुष्ट नहीं सीआईडी
पश्चिम बंगाल सीआईडी ने शुक्रवार को टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी को कथित जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए 14 जून को पेश होने का नया समन जारी किया। अधिकारियों को एक दिन पहले हुई पूछताछ के दौरान टीएमसी महासचिव के जवाब संतोषजनक नहीं लगे। अधिकारी ने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए विवादित प्रस्ताव से जुड़े कई सवालों के जवाब में बनर्जी ने कहा कि मुझे नहीं पता और कुछ मौकों पर वह कथित तौर पर आपा खो बैठे। कई सवालों का ठोस जवाब नहीं मिल सका। वहीं, अभिषेक की कथित भड़काऊ टिप्पणियों से जुड़े मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। उसे 16 जून को बुलाया है। अभिषेक ने कहा कि वह कभी किसी जांच से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।
इस्तीफा देकर भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ें बागी सांसद
तृणमूल कांग्रेस के कथित बागी 19 सांसदों के दावे को ममता बनर्जी के समर्थक सांसदों ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि संविधान संशोधन के बाद किसी दल में विभाजन का प्रावधान समाप्त हो चुका है। ममता समर्थकों का कहना है कि अगर वे लोग (बागी सांसद) पार्टी से अलग होना चाहते हैं तो उन्हें इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना होगा।




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