Another close associate parts ways with Mamata Banerjee second MP resigns from Rajya Sabha in a week ममता बनर्जी का एक और करीबी ने छोड़ा साथ, 1 हफ्ते में राज्यसभा से दूसरे सांसद का इस्तीफा, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी का एक और करीबी ने छोड़ा साथ, 1 हफ्ते में राज्यसभा से दूसरे सांसद का इस्तीफा

राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव इस्तीफा दे चुकी हैं। खास बात है कि साल 2021 में कांग्रेस को अलविदा कहकर टीएमसी में शामिल हुई थीं। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता था।

Wed, 10 June 2026 11:57 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ममता बनर्जी का एक और करीबी ने छोड़ा साथ, 1 हफ्ते में राज्यसभा से दूसरे सांसद का इस्तीफा

तृणमूल कांग्रेस को लगातार झटके लगने जारी हैं। अब खबर है कि पार्टी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले TMC से सुखेंदु शेखर रे ने भी उच्च सदन और पार्टी की सदस्यता छोड़ दी थी। खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब टीएमसी के संसदीय दल में बड़े स्तर पर टूट की अटकलें लगाई जा रहीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यसभा सांसद देव इस्तीफा दे चुकी हैं। खास बात है कि साल 2021 में कांग्रेस को अलविदा कहकर टीएमसी में शामिल हुई थीं। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता था। वह दिवंगत कांग्रेस नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। वह करीब 3 दशक तक कांग्रेस के साथ रही थीं।

टीएमसी की चुनौतियों क्या कहा था

हाल ही में एनडीटीवी से बातचीत में देव ने टीएमसी के मौजूदा हालात पर चर्चा की थी। उन्होंने लिखा था, 'अच्छी खबर यह है कि ऐसा ही हमने दूसरे राज्यों में भी देखा है। इसकी वजह साफ है कि हमारे विधायकों और कैडर पर बहुत दबाव है...। जमीन पर यह पता चला है कि पुलिस और प्रशासन की तरफ से जबरदस्त दबाव है कि टीएमसी को छोड़ दें या परिणामों के लिए तैयार रहें। यह सच्चाई है। मुझे लगता है कि अगर हिंदी में कहें तो दूध का दूध और पानी का पानी होगा। मुझे लगता है कि यह हमें और मजबूत बनाएगा और आने वाले सालों के लिए तैयार करेगा।'

उन्होंने कहा था, '...ममता दी की ताकत उनकी जनता है, ममता दी की ताकत ईमानदारी है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कह रहा है, हमारे बारे में क्या नारे लगाए जा रहे हैं। ममता दी में हालात बदलने की क्षमता है। यह चुनौती है और इससे निपटने में हम सक्षम हैं और यह कुछ समय की ही बात है।'

सुखेंदु शेखर रे ने लगाए थे गंभीर आरोप

रे ने इस्तीफा देने के बाद एक पत्र में लिखा था कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा था, 'मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं तथा तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।'