मिसाइलों का जखीरा, इराक से मिली सीख; अमेरिका जैसे सुपरपावर के सामने कैसे टिका है ईरान
आर्थिक प्रतिबंधों से उसके लिए नये फाइटर, पनडुब्बियां, पोत खरीद पाना संभव नहीं था। लेकिन ईरान ने मिसाइल, मिसाइल बोट और ड्रोन विकास पर लगातार काम किया जिसमें उसे अच्छी सफलता मिली।

Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में करीब चार सप्ताह से जारी संघर्ष में यह सवाल बार-बार सामने आ रहा है कि आखिर ईरान लगातार अमेरिका और इजरायल जैसे ताकतवर देशों का मुकाबला कैसे कर पा रहा है? इतना ही नहीं ईरान आधा दर्जन अरब देशों में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। ईरान की इस रक्षा क्षमता पर दुनिया भौंचक है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान खुद की विकसित क्षमता से ही जंग में टिका हुआ है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार वैसे तो ईरान लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है पर परमाणु कार्यक्रम और बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर 2010 में अमेरिका ने उस पर सख्त प्रतिबंध लगाए जो 2018 में उसके परमाणु समझौते से हटने के बाद और सख्त हुए। इस दौरान ईरान ने इराक का भी हश्र देखा। इन सबसे ईरान को यह अहसास था कि उसे भी अमेरिकी हमले का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उसने आर्थिक प्रतिबंधों के साये में अपने सीमित संसाधनों में युद्ध की तैयारियां जारी रखीं।
आर्थिक प्रतिबंधों से उसके लिए नये फाइटर, पनडुब्बियां, पोत खरीद पाना संभव नहीं था। लेकिन ईरान ने मिसाइल, मिसाइल बोट और ड्रोन विकास पर लगातार काम किया जिसमें उसे अच्छी सफलता मिली।
रक्षा विशेषज्ञ वाइस एयर मार्शल ओ. पी. तिवारी ने कहा कि ईरान जानता है कि वह अमेरिका-इजरायल से नहीं जीत सकता है लेकिन उसने पिछले दो दशकों में उनसे मुकाबला करने की क्षमता अपने बूते हासिल की जो आज इन दोनों देशों के लिए चुनौती बनी हुई है। जितना खर्च एक लड़ाकू विमान पर आता है, उतने में ईरान ने 5 हजार मिसाइलें बना डाली हैं और यही उसकी ताकत हैं। आज जंग के बीच किसी देश के लिए उसे हथियारों की आपूर्ति करना आसान नहीं है। पर तय है जिस प्रकार से ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों व उसके कुछ लड़ाकू विमानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है, उससे प्रतीत होता है कि रूस या चीन से उसे सैटेलाइट इनपुट मिल रहा है।
युद्ध रणनीति को 31 राज्यों में कर रखा है विभाजित
ईरान ने युद्ध रणनीति को 31 राज्यों में विभाजित कर रखा है जो स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं। इस विक्रेंद्रित रणनीति से भी वह मैदान में टिका हुआ है। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में किफायती ड्रोन विकसित किए हैं। खबर है कि ईरान ड्रोन बाइक के इंजनों में बदलाव कर तैयार किए गए हैं। युद्ध के बीच भी वह मिसाइलें एवं ड्रोन तैयार कर रहा है। ड्रोन हमलों से ईरान युद्ध में एक प्रकार से रणनीतिक बढ़त हासिल कर रहा है। उसके पास छोटी मिसाइल बोट हैं जो समुद्र में 200 किमी की रफ्तार से दौड़ सकती हैं तथा यह जंगी पोतों को नष्ट करने में सक्षम हैं।




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