फ्लाइंग किस देते हैं; राहुल गांधी पर बरसे अमित शाह, बोले- प्रियंका से सीखें बोलने की कला
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि वे सत्र छोड़कर विदेश चले जाते हैं। भाषाओं में तीव्रता से भावनाएं व्यक्त नहीं होती हैं। सदन में बोलने की कला आपके बहुत सारे सीनियर लोग हैं, उनसे सीख लें। अगर सीनियर लोग न हों तो प्रियंका गांधी ही हैं, उनसे सीख लें कि सदन में कैसे बोलना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल में संशोधन समेत अन्य विधेयकों पर लोकसभा में दो दिनों तक चली चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान, शाह ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा तो उनकी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सदन में बोलने की कला राहुल गांधी को अपनी बहन प्रियंका गांधी से सीखनी चाहिए। शाह ने राहुल पर सत्र के बीच में विदेश जाने, फ्लाइंग किस देने, सदन के रास्ते में चाय-पकौड़े खाने के आरोप भी लगाए।
अमित शाह ने राहुल गांधी की पीएम मोदी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर सवाल उठाए और कहा कि अपशब्दों, असंसदीय शब्दों की भरमार लग जाती है। कभी आंख मारते हैं तो कभी सदन के रास्ते पर चाय पकौड़े खाते हैं बैठकर। यह किस प्रकार का विपक्ष के नेता का बिहेवियर है, भाषा है। यह भाषा पूरा देश सुन रहा है। आपका और आपकी पार्टी दोनों का परिचय देश को हो रहा है। संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं, फ्लाइंग किस करते हैं, धक्का-मुक्की करते हैं। बाहर बयानबाजी करते हैं कि सरेंडर हो गए। स्पीकर को बार-बार रोकना पड़ता है। सत्र छोड़कर विदेश चले जाते हैं। यह भाषाओं में तीव्रता से भावनाएं व्यक्त नहीं होती हैं। सदन में बोलने की कला आपके बहुत सारे सीनियर लोग हैं, उनसे सीख लें। अगर सीनियर लोग न हों तो प्रियंका गांधी ही हैं, उनसे सीख लें कि सदन में कैसे बोलना चाहिए।
इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयकों का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो राष्ट्र विरोधी कृत्य है। उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार जाति जनगणना को दबाने और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से उनका अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने कहा, ''पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है।''
नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए एक शब्द का कई बार इस्तेमाल किया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताई। बिरला ने इस शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष द्वारा जिस प्रकार के शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और उसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस देश की जनता का अपमान कर रहे हैं और उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा, ''कुछ सच्चाई इस सदन में बताने की जरूरत है। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कोई लेनादेना नहीं है। 2023 में जो (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित हुआ था वह महिला आरक्षण विधेयक था।''




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