Amit Shah Attacks Congress Says did not took post until proven innocent जब तक निर्दोष साबित नहीं हुआ, तब तक नहीं लिया पद; अमित शाह का वेणुगोपाल पर पलटवार, India News in Hindi - Hindustan
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जब तक निर्दोष साबित नहीं हुआ, तब तक नहीं लिया पद; अमित शाह का वेणुगोपाल पर पलटवार

अमित शाह ने कहा कि मैं कांग्रेस को याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने अरेस्ट होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था और बेल पर बाहर आने के बाद भी, जब तक मैं अदालत से पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं हुआ, तब तक मैंने कोई संवैधानिक पद नहीं लिया था।

Wed, 20 Aug 2025 07:05 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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जब तक निर्दोष साबित नहीं हुआ, तब तक नहीं लिया पद; अमित शाह का वेणुगोपाल पर पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल समेत पूरे विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। शाह ने कहा है कि उन्हें गिरफ्तार किए जाने के बाद जब तक अदालत से वे पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं हो गए थे, तब तक उन्होंने कोई भी संवैधानिक पद नहीं लिया था। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि शर्म और हया छोड़कर भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन बिल का विरोध कर रहा है।

अमित शाह ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री को उनके पद से हटाने का प्रावधान है। इसके तहत अगर कोई भी पीएम, सीएम या मंत्री पर गंभीर अपराध के आरोप लगते हैं और वह 30 दिनों तक जेल में रहता है तो उसे या तो इस्तीफा देना पड़ेगा, नहीं तो 31 वें दिन उसे पद से हटा हुआ मान लिया जाएगा। बिल पेश करने के दौरान केसी वेणुगोपाल और अमित शाह के बीच नोकझोक देखने को भी मिली।

गृह मंत्री ने बुधवार शाम को किए गए एक पोस्ट में कहा, ''आज सदन में कांग्रेस के एक नेता ने मेरे बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, कि जब कांग्रेस ने मुझे पूरी तरह से फर्जी केस में फंसाया और गिरफ्तार कराया, तब मैंने इस्तीफा नहीं दिया। मैं कांग्रेस को याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने अरेस्ट होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था और बेल पर बाहर आने के बाद भी, जब तक मैं अदालत से पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं हुआ, तब तक मैंने कोई संवैधानिक पद नहीं लिया था। मेरे ऊपर लगाए गए फर्जी केस को अदालत ने यह कहते हुए खारिज किया कि केस पॉलिटिकल वेंडेटा से प्रेरित है।''

उन्होंने आगे कहा, ''भारतीय जनता पार्टी और NDA हमेशा नैतिक मूल्यों के पक्षधर रहे हैं। श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी ने भी सिर्फ आरोप लगने पर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर श्रीमती इंदिरा गांधी जी द्वारा शुरू की गई अनैतिक परंपरा को कांग्रेस पार्टी आज भी आगे बढ़ा रही है। जिस श्री लालू प्रसाद यादव जी को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी अध्यादेश लाई थी, जिसका श्री राहुल गांधी ने विरोध किया था, आज वही राहुल गांधी पटना के गांधी मैदान में लालू जी को गले लगा रहे हैं। विपक्ष का यह दोहरा चरित्र जनता भली-भांति समझ चुकी है। पहले से स्पष्ट था कि यह बिल पार्लियामेंट की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष रखा जाएगा, जहां इस पर गहन चर्चा होगी, फिर भी सभी प्रकार की शर्म और हया छोड़कर, भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए, कांग्रेस के नेतृत्व में पूरा INDI गठबंधन एकत्रित होकर इसका भद्दे व्यवहार से विरोध कर रहा था। आज विपक्ष जनता के बीच पूरी तरह से एक्सपोज हुआ है।''