Amid Oath ceremony Congress MLA Mentions Rahul Gandhi name Tamil Nadu Governor Objects slams कांग्रेस MLA ने राहुल गांधी का लिया नाम तो गवर्नर हो गए नाराज, तमिलनाडु शपथ समारोह में नया ड्रामा, India News in Hindi - Hindustan
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कांग्रेस MLA ने राहुल गांधी का लिया नाम तो गवर्नर हो गए नाराज, तमिलनाडु शपथ समारोह में नया ड्रामा

विजय ने 10 मई को नौ अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। गुरुवार को उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें 21 TVK विधायकों और दो कांग्रेस विधायकों को शामिल किया गया है।

Thu, 21 May 2026 02:49 PMPramod Praveen पीटीआई, चेन्नई
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कांग्रेस MLA ने राहुल गांधी का लिया नाम तो गवर्नर हो गए नाराज, तमिलनाडु शपथ समारोह में नया ड्रामा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने आज (गुरुवार, 21 मई को) अपने 11 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए दो कांग्रेस विधायकों सहित कुल 23 सदस्यों को इसमें शामिल किया है। इसके साथ ही तमिलनाडु में करीब 60 साल बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी हुई है। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया था, जहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। टीवीके के विधायक श्रीनाथ, एस. कमाली, सी. विजयलक्ष्मी और आर.वी. रंजितकुमार ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली। उनके बाद किल्लियूर से कांग्रेस के विधायक एस. राजेश कुमार और मेलूर से निर्वाचित पी. विश्वनाथन ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

इस दौरान तब स्थिति नाटकीय हो गई, जब कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार शपथ ग्रहण के दौरान राजीव गांधी और राहुल गांधी के नाम के नारे लगाने लगे। दरअसल, जैसे ही एस राजेश कुमार ने शपथ प्रारूप को पूरा पढ़ा, उसके तुरंत बाद अचानक वह कांग्रेस नेताओं कामराज, राजीव गांधी और राहुल गांधी की प्रशंसा में नारे लगाने लगे। उन्होंने कहा, "कामराज (तमिलनाडु के दिवंगत कांग्रेस दिग्गज) अमर रहें,भारत रत्न राजीव गांधी (पूर्व प्रधानमंत्री) अमर रहें" और “जननेता राहुल गांधी जिंदाबाद।”

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गवर्नर ने टोका- ये शपथ का हिस्सा नहीं

इतना सुनते ही मंच पर बगल में खड़े तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें टोका और कुमार से कहा, "यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है।" राज्यपाल ने आगे मुस्कुराते हुए कहा कि जो लिखित शपथ पत्र दिया गया है वही पढ़ें। इसके बाद एस. राजेश कुमार भी अपनी नारेबाजी पर टोके जाने पर मुस्कुराए और फिर अपने शपथ दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने चले गए। कुमार के शपथ लेने के कुछ ही मिनट बाद सलेम दक्षिण से टीवीके विधायक ए विजय तमिलन पार्थिबन ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मंच पर उपस्थित पार्टी नेता और मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय की प्रशंसा करते हुए नारे लगाए।

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छह दशक बाद सत्ता में वापसी

बता दें कि इस मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही तमिलनाडु में करीब छह दशक बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी हुई है क्योंकि द्रविड़ दलों द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) ने कभी अपने सहयोगी दलों को सत्ता में हिस्सेदारी नहीं दी। इनमें कांग्रेस भी शामिल है, जिसने अलग-अलग समय पर दोनों दलों के साथ गठबंधन किया था। तमिलनाडु में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम थे, जिन्होंने 1963 से 1967 तक मुख्यमंत्री पद संभाला था। तब इस राज्य को मद्रास कहा जाता था।

पहली गैर कांग्रेसी सरकार अन्नादुरई ने बनाई थी

स्वतंत्र भारत की पहली गैर-कांग्रेस सरकार 1967 में द्रविड़ नेता एवं द्रमुक संस्थापक सी.एन. अन्नादुरई ने बनाई थी। उन्होंने तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी। टीवीके के शीर्ष नेता एवं लोक निर्माण तथा खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने बुधवार को कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री विजय ऐसा चाहते हैं।

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कांग्रेस के पांच विधायक हैं

तमिलनाडु विधानसभा में पाँच विधायकों वाली कांग्रेस, TVK सरकार का एक अहम हिस्सा है। विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को चुनाव नतीजों में बहुमत से कुछ सीटें कम मिली थीं, जिसके बाद कांग्रेस का समर्थन जरूरी हो गया था। कांग्रेस पहली पार्टी थी जिसने TVK को समर्थन देने की घोषणा की थी और अपने पुराने सहयोगी DMK से संबंध तोड़ लिए थे। हालाँकि कांग्रेस 20 साल तक DMK की सहयोगी रही थी, लेकिन वह राज्य में DMK के मंत्रालयों का कभी हिस्सा नहीं बन पाई थी।