कर्नाटक में फिर CM बदलने की अटकलें तेज, सिद्धा सरकार की तीसरी बरसी पर ही पकी खिचड़ी; गुपचुप मिले चार मंत्री
यह गुप्त मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस विधायकके एन राजन्ना ने सार्वजनिक रूप से सुझाव दिया था कि यदि पार्टी नेतृत्व परिवर्तन पर विचार करे, तो गृह मंत्री जी परमेश्वर को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कर्नाटक में एक बार फिर मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें जोर मारने लगी हैं। कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ही करीबी माने जाने वाले चार वरिष्ठ मंत्रियों ने मंगलवार (19 मई) की सुबह गुपचुप तरीके से एक मीटिंग की है, जिसके बाद कर्नाटक का नाटक फिर सतह पर उभर कर सामने आ गया है। बड़ी बात यह है कि ये चारों मंत्री गुप्त मीटिंग के बाद सिद्धारमैया सरकार के तीन साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तुमकुरु गए। जिन मंत्रियों ने गुप्त मीटिंग की है, उनमें मंत्री एचसी महादेवप्पा, बीजेड ज़मीर अहमद खान, के वेंकटेश और लोक निर्माण मंत्री सतीश जरकीहोली हैं।
इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लोक निर्माण मंत्री सतीश जरकीहोली के घर पर ही ये मुलाकात हुई है। कहा जा रहा है कि चारों मंत्रियों ने राज्य में बदलते राजनीतिक हालात पर चर्चा की। यह मुलाकात कांग्रेस के वरिष्ठ MLA केएन राजन्ना के उस सुझाव के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी हाईकमान लीडरशिप बदलने का फैसला करता है तो उसे मुख्यमंत्री पद के लिए होम मिनिस्टर जी परमेश्वर के नाम पर विचार करना चाहिए।
तिरुपति मंदिर पहुंचे डीके शिवकुमार
हालांकि, ज़मीर अहमद खान ने इस बात को सिरे से खारिज किया है कि उन्होंने तीन अन्य मंत्रियों के साथ कोई गुप्त बैठक की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि तुमकुरु जाने से पहले नाश्ते पर सभी लोग जरूर मिले थे। दूसरी तरफ, तुमकुरु में आयोजित कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले, राज्य के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बालाजी के दरबार में तिरुपति मंदिर गए, जिससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट हो रही है। यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि डीके शिवकुमार ने तिरुपति मंदिर में अपनी ताजपोशी की मन्नतें मांगी होंगी।
गृह मंत्री जी परमेश्वर का नाम चल रहा आगे
इस बीच, सिद्धारमैया के संभावित वारिस के तौर पर राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर का नाम सामने आया है। दलित समुदाय से आने वाले परमेश्वर सीनियर कांग्रेस नेता हैं। वह पहले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और डिप्टी CM भी रह चुके हैं। तुमकुरु इवेंट में, सिद्धारमैया ने प्रोग्राम को ऑर्गनाइज़ करने में परमेश्वर की भूमिका को सबसे अहम माना और उनकी तारीफ भी की।
कांग्रेस ने नहीं साफ की स्थिति
उधर, कांग्रेस हाईकमान ने अभी तक राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करने पर स्थिति साफ नहीं की है, जबकि राज्य यूनिट के अंदर जल्द समाधान की मांग की जा रही है। सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ने कहा है कि वे हाईकमान के फैसले को मानेंगे, हालांकि उनके सपोर्टर अपने-अपने दावों पर ज़ोर दे रहे हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि तुमकुरु इवेंट में सफल लामबंदी पार्टी के अंदर परमेश्वर की स्थिति को मज़बूत कर सकती है। वोक्कालिगा समुदाय के जाने-माने नेता शिवकुमार, नवंबर 2025 में सिद्धारमैया के 30 महीने पूरे होने के बाद से CM पद के लिए अपनी दावेदारी कर रहे हैं।




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