आज फिर गवर्नर से मिलेंगे विजय, सरकार बनाने का मिलेगा न्योता? कहां तक पहुंचा TVK आंकड़ा
तमिलनाडु में नई सरकार को लेकर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। इस सबके बीच ऐक्टर विजय आज फिर एकबार गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। हालांकि, उनके पास अभी भी जरूरी नंबर नहीं हैं।

तमिलनाडु में नई सरकार को लेकर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। इस सबके बीच ऐक्टर विजय आज फिर एकबार गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। हालांकि, उनके पास अभी भी जरूरी नंबर नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पांच और कुछ छोटे दलों के समर्थन के बाद भी अब तक सिर्फ 116 विधायकों का ही समर्थन उनके साथ है। उन्हें अभी भी दो और विधायकों की जरूरत है। यही वजह है कि गवर्नर ने उन्हें बार-बार लोक भवन से बैरंग लौटाया है।
विजय की पार्टी टीवीके के पास वर्तमान में 107 विधायक हैं। विजय ने खुद दो सीटों से चुनाव जीता है, जिससे प्रभावी संख्या 108 से घटकर 107 रह गई है। बहुमत के लिए टीवीके को 11 विधायकों के अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस के 5 विधायकों और वामपंथी दलों (CPI और CPI-M) के 4 विधायकों ने टीवीके को बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके बाद विजय भी का आंकड़ा 116 तक ही पहुंच गया। हालांकि, बहुमत का आंकड़ा अब 117 माना जा रहा है, क्योंकि विजय की एक सीट खाली होगी। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि गवर्नर उन्हें सरकार बनाने का न्योता देंगे या नहीं?
राज्यपाल के फैसले पर कांग्रेस भड़की
राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी टीवीके को सरकार बनाने का न्योता देने में देरी को लेकर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। इसके खिलाफ कांग्रेस ने राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी नेतृत्व सरकार में शामिल होने के स्वरूप पर अंतिम निर्णय ले रहा है।
कांग्रेस को क्या-क्या प्रस्ताव
सेल्वपेरुंथगई ने कहा कि टीवीके ने दो मंत्री पद और एक राज्यसभा सदस्य का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागों और अन्य शर्तों पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में बहुमत को लेकर कोई संकट नहीं है। गठबंधन लगभग 118 के आंकड़े तक पहुंच चुका है। उनके अनुसार, सदन में बहुमत साबित होने के बाद सरकार स्थिर रहेगी।
टीएनसीसी प्रमुख ने राज्यपाल अर्लेकर की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार गठन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कुछ शर्तों के साथ टीवीके गठबंधन में शामिल हुई है, जबकि भाकपा और माकपा ने सरकार में शामिल हुए बिना बाहर से समर्थन देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय निकाय और आगामी लोकसभा चुनावों तक जारी रहेगा।




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