मुझे नहीं बंगाल के लोगों को है सुरक्षा की जरूरत, बीजेपी सरकार पर भड़के अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने केंद्र या फिर राज्य सरकार से सुरक्षा की कोई मांग नहीं की है। यह केवल अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेप और अपराध बढ़ गए हैं। सरकार को उसपर ध्यान देना चाहिए और बंगाल के लोगों को सुरक्षा देनी चाहिए।

बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद टीएमसी में विद्रोह के बीच ममता बनर्जी ने पार्टी में बड़े फेरबदल किए हैं। उन्होंने भतीजे अभिषेक बनर्जी को भी राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन को संयुक्त राष्ट्रीय सचिव बनाया है। बीते दिनों अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद ममता बनर्जी उनके साथ नजर आ रही हैं। वहीं अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर मेसेज शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्र से किसी तरह की सुरक्षा की मांग नहीं की है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मीडिया का एक धड़ा यह खबर फैला रहा है कि मैंने केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग की है। जबकि यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है। अभिषेक बनर्जी पर 30 मई को सोनारपुर में हमला हो गया था। पत्थरबाजी में वह घायल हो गए थे। अभिषेक बनर्जी ने कहा, जो कुछ भी हुआ था, केंद्र और राज्य सरकार की जानकारी में हुआ। सरकार को इस हमले से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए।
बनर्जी ने कहा, चिंता की बात मेरी सुरक्षा नहीं बल्कि यह है कि पश्चिम बंगाल में पिछले एक ही महीने में रेप और अन्य भयानक अपराध हुए हैं। इनका असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर बिल्कुल नहीं जा रहा है। सरकार चलाने वालों की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, मैं राज्य और केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वे बंगाल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और मीडिया के एक धड़े की तरफ से फैलाई जा रही गलत जानकारी को राजनीतिक तूल ना दें। लोग सुरक्षा और जवाबदेही का अधिकार रखते हैं और उन्हें दोनों ही मिलना चाहिए।
ऋतब्रत बनर्जी ने किया था सुरक्षा मांगने का दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी हमले के बाद अब सरकार से सुरक्षा मांग रहे हैं। वहीं बता दें कि ईडी ने भी अभिषेक बनर्जी को तलब किया है। प्राइमरी टीचर्स भर्ती मामले में उनसे पूछताछ की जानी है। सिग्नेचर कांड मामले में सीआईडी भी उनसे पूछताछ कर रही है। बुधवार को कालीघाट पुलिस स्टेशन ने अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर से सुरक्षा हटा ली थी।
अभिषेक बनर्जी ने किया कोर्ट का रुख, 10 जून को सुनवाई
कलकत्ता हाई कोर्ट अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख तय की, जिसमें उन्होंने पार्टी विधायकों के हस्ताक्षरों से संबंधित कथित फर्जीवाड़े की सीआईडी द्वारा की जा रही जांच के मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा का अनुरोध किया है।
क्या है फर्जी हस्ताक्षर का मामला
सीआईडी तृणमूल कांग्रेस के दो बागी विधायकों द्वारा विधानसभा सचिवालय में दर्ज कराई गई एक शिकायत की जांच कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बालीगंज के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने वाले पार्टी के प्रस्ताव पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। बनर्जी को सोमवार को इस मामले में सीआईडी द्वारा तलब किया गया था, लेकिन वह खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए और समय बढ़ाने का अनुरोध किया।




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