ईरान युद्ध के बीच स्वदेश लौट आए 52 हजार भारतीय, विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
ईरान युद्ध के बीच मध्य एशिया में फंसे करीब 52 हजार भारतीय स्वदेश वापसी कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे ही है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय मिशनों की सलाह का पालन करने का निर्देश दिया है।

भारत ने शनिवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने देर रात एक बयान में कहा कि पूरे क्षेत्र में हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद 52,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट आए हैं। मंत्रालय ने क्षेत्र के सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के दिशानिर्देशों और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाह का पालन करने का भी आग्रह किया।
मंत्रालय ने कहा कि विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह सहायता की जरूरत वाले सभी लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे क्षेत्र की सरकारों के साथ काम कर रही है। पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति अनिश्चित बनी हुई है क्योंकि अमेरिका और इजराइल ने ईरानी ठिकानों पर बमबारी जारी रखी है, जबकि तेहरान ने पूरे क्षेत्र में इजराइली ठिकानों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर जवाबी कार्रवाई की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में भारतीय मिशनों ने विस्तृत सलाह जारी की है और भारतीयों की सहायता के लिए 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन स्थापित की हैं।
रद्द हो गईं 100 उड़ानें
पश्चिम एशिया संकट के कारण हवाई परिचालन प्रभावित होने से शनिवार को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई हवाई अड्डे से 35 प्रस्थान और 36 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि दिल्ली हवाई अड्डे से 22 प्रस्थान और 17 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं।
दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक डीआईएएल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण, पश्चिम की ओर जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी या समय-सारणी में बदलाव हो सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष ने उड़ानों को काफी हद तक प्रभावित किया है क्योंकि पश्चिम एशिया में कुछ हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं। कई एयरलाइन कंपनियां सीमित संख्या में ही उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
पश्चिम एशिया संकट के कारण हवाई परिचालन प्रभावित होने से शनिवार को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई हवाई अड्डे से 35 प्रस्थान और 36 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि दिल्ली हवाई अड्डे से 22 प्रस्थान और 17 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं।
दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक डीआईएएल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण, पश्चिम की ओर जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी या समय-सारणी में बदलाव हो सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष ने उड़ानों को काफी हद तक प्रभावित किया है क्योंकि पश्चिम एशिया में कुछ हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं। कई एयरलाइन कंपनियां सीमित संख्या में ही उड़ानों का संचालन कर रही हैं।




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