10 साल में ही 6500% का उछाल; BJP ने बंगाल में जो किया वह कितना हैरान करने वाला
भाजपा ने 2016 से 2026 के बीच 6500 पर्सेंट की छलांग लगाते हुए उन राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है जो बंगाल को भाजपा के लिए बंजर कहते थे। 10 साल पहले महज 3 सीटें जीतने वाली पार्टी इस बार दोहरे शतक तक पहुंच गई।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वह कर दिखाया जिसकी एक दशक से पहले तक कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। भाजपा भले ही अपने गठन के बाद से ही उस राज्य में कमल खिलाने का सपना देख रही थी जहां से जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी आते थे। लेकिन 2016 में महज 3 सीट जीत पाने वाली पार्टी एक दशक बाद इतना प्रचंड बहुमत प्राप्त करेगी, यह सोचना तो 'दिवा स्वपन' की कहा जा सकता था। भाजपा ने 2016 से 2026 के बीच 6500 पर्सेंट की छलांग लगाते हुए उन राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है जो बंगाल को भाजपा के लिए बंजर कहते थे।
कांग्रेस,लेफ्ट और फिर टीएमसी का अभेद्य किला समझे जाने वाले बंगाल में भाजपा ने इस बार अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। कभी तिहरे अंकों तक नहीं पहुंच सकी पार्टी दोहरे शतक तक पहुंच गई। पांच साल पहले 77 सीटों तक पहुंचकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी भाजपा के लिए एक दशक पहले तक बंगाल में स्थिति बहुत विपरीत थी। 2016 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों से तुलना करें तो पता चलता है कि पार्टी के साधारण कार्यकर्ताओं से पीएम मोदी तक, ने अपनी मेहनत और लगातार प्रयास से कितनी बड़ी जीत हासिल की है।
10 साल पहले ही ऐसा था भाजपा का हाल
2016 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महज 10.16 फीसदी वोट शेयर हासिल कर चुकी थी तो उसे केवल 3 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल हुई थी। लेकिन महज तीन साल बाद लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 40.7 फीसदी वोट शेयर के साथ भविष्य के संकेत दे दिए थे। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और टीएमसी के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। बेहद आक्रामक हो गए चुनावी अभियान के बाद नतीजे आए तो भाजपा सत्ता में तो नहीं पहुंची, लेकिन 77 सीटें जीतकर वह मुख्य विपक्षी पार्टी की भूमिका में आ चुकी थी।
10 साल में इतना बड़ा उछाल?
2016 में महज 3 विधायकों वाली पार्टी अब पश्चिम बंगाल पर राज करने जा रही है। शाम 4:45 तक आए रुझान के मुताबिक पार्टी भाजपा 198-200 सीटों पर रुझानों में निर्णायक बढ़त हासिल कर चुकी थी। अंतिम आंकड़ों में सीटें 5-10 आगे पीछे हो सकती हैं, पर नतीजा हावड़ा ब्रिज पर लिखा जा चुका है। 10 सालों की तुलना करें तो भाजपा ने सीटों में करीब 6500 पर्सेंट का इजाफा किया है। तब भाजपा को महज 10 फीसदी वोट शेयर मिला था जो मौजूदा चुनाव में बढ़कर 45 फीसदी से अधिक हो गया।
कांग्रेस और लेफ्ट साफ
पिछले एक दशक में जितनी तेजी से भाजपा का ग्राफ पश्चिम बंगाल में बढ़ा उतनी ही तेजी से कांग्रेस और लेफ्ट का पत्ता साफ होता गया। 2016 में कांग्रेस ने 44 और लेफ्ट फ्रंट ने 32 सीटों पर कब्जा किया था। इस बार दोनों दल संयुक्त रूप से पांच सीटें भी नहीं जीत पाए।




साइन इन