UAE cracks down on fake content amid Iran war orders arrest 35 people including 19 Indians ईरान युद्ध के बीच फेक कंटेंट पर UAE की सख्ती, 19 भारतीयों सहित 35 लोगों की गिरफ्तारी का आदेश, Middle-east Hindi News - Hindustan
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ईरान युद्ध के बीच फेक कंटेंट पर UAE की सख्ती, 19 भारतीयों सहित 35 लोगों की गिरफ्तारी का आदेश

संयुक्त अरब अमीरात ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप साझा करने के आरोप में 19 भारतीय नागरिकों समेत 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। बताया गया कि आरोपियों को त्वरित सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।

Sun, 15 March 2026 11:56 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान युद्ध के बीच फेक कंटेंट पर UAE की सख्ती, 19 भारतीयों सहित 35 लोगों की गिरफ्तारी का आदेश

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप साझा करने के आरोप में 19 भारतीय नागरिकों समेत 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी अमीरात समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, आरोपियों को त्वरित सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। ताजा सूची में विभिन्न देशों के 25 लोग शामिल हैं, जिनमें 17 भारतीय हैं। यह सूची शनिवार को नामित किए गए 10 लोगों से अलग है, जिनमें दो भारतीय भी शामिल थे और जिनकी गिरफ्तारी का आदेश पहले ही दिया जा चुका है।

यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ हमाद सैफ अल शम्सी द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई डिजिटल मंच की सख्त निगरानी के बाद की गई है, जिसका उद्देश्य फर्जी जानकारी और कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री के प्रसार को रोकना है, जो सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने और सामान्य स्थिरता को कमजोर करने की कोशिश करती है।

जांच और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में पता चला कि आरोपी तीन समूहों में बंटे हुए थे और अलग-अलग गतिविधियों में शामिल थे। इनमें मौजूदा घटनाओं से जुड़े वास्तविक वीडियो क्लिप पोस्ट करना, एआई की मदद से नकली वीडियो बनाना, और सैन्य आक्रामकता करने वाले किसी देश की प्रशंसा करते हुए उसके नेतृत्व और सैन्य कार्रवाई का प्रचार करना शामिल है। यह कार्रवाई इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच की गई है।

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इससे पहले यूएई ने सोशल मीडिया मंच पर भ्रामक और मनगढ़ंत सामग्री वाले वीडियो क्लिप प्रसारित करने के आरोप में विभिन्न देशों के 10 नागरिकों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया था। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ हमाद सैफ अल शम्सी ने कहा कि क्षेत्रीय घटनाक्रम के मद्देनजर डिजिटल मंचों की निरंतर निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई है।

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उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का फायदा उठाकर गलत सूचना फैलाई गई है, जिसका मकसद जनता को जानबूझकर गुमराह करना और राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यवस्था एवं स्थिरता को कमजोर करना है। डॉ अल शम्सी ने कहा कि विचाराधीन आरोपियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके बनाए गए वीडियो फुटेज प्रसारित किए जिनमें यूएई के विभिन्न क्षेत्रों में विस्फोटों, प्रमुख स्थलों पर हमलों या धुआं उठते हुए विशाल आग का भ्रामक संकेत दिया गया था।

उन्होंने कहा कि कुछ फुटेज में देश के भीतर सैन्य ठिकानों के नष्ट होने का दावा किया गया या विदेशी घटनाओं को यूएई के स्थानों से जोड़ा गया। इनका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और भय फैलाना था। उनके अनुसार, लोक अभियोजन ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया है।

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