अमेरिका से बातचीत से पहले IAEA प्रमुख से मुलाकात; परमाणु मुद्दे पर ईरान की क्या चाल?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की और कहा कि वह मंगलवार को जिनेवा में वार्ता की मेजबानी कर रहे ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी से भी मुलाकात करेंगे।

ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली परमाणु वार्ता के दूसरे दौर से ठीक पहले कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अधिकारियों से अहम मुलाकात की। माना जा रहा है कि यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत से पहले रणनीतिक तैयारी और अपने रुख को स्पष्ट करने के उद्देश्य से की गई है। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाओं और अटकलों को जन्म दे दिया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की और कहा कि वह मंगलवार को जिनेवा में वार्ता की मेजबानी कर रहे ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी से भी मुलाकात करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अराघची ने लिखा कि मैं जिनेवा में निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौता हासिल करने के लिए ठोस विचारों के साथ आया हूं।
ईरान प्रतिबंधों में राहत के बदले समझौते के लिए तैयार
रविवार को ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने संकेत दिया कि तेहरान परमाणु मुद्दे पर समझौता करने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन वह अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील की मांग कर रहा है। तख्त-रवांची ने बीबीसी को बताते हुए कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है। उन्हें यह साबित करना होगा कि वे हमारे साथ समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि अमेरिका की ओर से ईमानदारी दिखाई देती है, तो मुझे यकीन है कि हम समझौते की ओर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम अपने कार्यक्रम से संबंधित इस और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते वे भी प्रतिबंधों पर बात करने को तैयार हों।
क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ निपटने में कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं और प्रशासन वर्तमान में बातचीत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ ब्रातिस्लावा में संवाददाता सम्मेलन के दौरान रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं।
अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखते हुए ईरान के परमाणु मुद्दे का कूटनीतिक समाधान तलाश रहा है। इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की तैयारी का भी संकेत दिया है, जिससे जिनेवा वार्ता से पहले तनाव बना हुआ है। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप ने ईरान के पिछले अनुपालन रिकॉर्ड का हवाला देते हुए संभावित समझौते पर संदेह जताया है।
बता दें कि विटकॉफ और कुशनर ओमान की मध्यस्थता के माध्यम से जिनेवा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे। ये वार्ता ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर केंद्रित होंगी। रुबियो ने पुष्टि की कि अगर कोई सैन्य कार्रवाई आवश्यक हुई, तो अमेरिका संसद के साथ परामर्श सहित सभी कानूनी आवश्यकताओं का पालन करेगा।
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