Israel has prepared a solution to Iran hypersonic missiles Know what is Davids Sling इजरायल ने तैयार कर लिया ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों का तोड़, डेविड्स स्लिंग के साथ क्या प्लान?, Middle-east Hindi News - Hindustan
More

इजरायल ने तैयार कर लिया ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों का तोड़, डेविड्स स्लिंग के साथ क्या प्लान?

इजरायल की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली डेविड्स स्लिंग ने एक बार फिर अपनी शक्ति साबित की है। भविष्य में बढ़ते मिसाइल खतरों, खासकर ईरान जैसे दुश्मनों को ध्यान में रखते हुए, इजरायल ने इस मध्यम दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम के कई जटिल और चुनौतीपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।

Thu, 12 Feb 2026 07:25 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share
इजरायल ने तैयार कर लिया ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों का तोड़, डेविड्स स्लिंग के साथ क्या प्लान?

इजरायल की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली डेविड्स स्लिंग ने एक बार फिर अपनी शक्ति साबित की है। भविष्य में बढ़ते मिसाइल खतरों, खासकर ईरान जैसे दुश्मनों को ध्यान में रखते हुए, इजरायल ने इस मध्यम दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम के कई जटिल और चुनौतीपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। ये परीक्षण जून 2025 में ईरान के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध से सीखे गए महत्वपूर्ण सबकों पर आधारित हैं, जहां डेविड्स स्लिंग ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक रोक लिया था। यह प्रणाली इजरायल की बहु-स्तरीय रक्षा ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें आयरन डोम (छोटी दूरी), डेविड्स स्लिंग (मध्यम दूरी) और एरो (लंबी दूरी) शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि भविष्य के खतरों के लिए तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस मध्यम दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली के साथ कई उन्नत परीक्षण किए गए। राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित डेविड्स स्लिंग को 40 से 300 किलोमीटर की दूरी तक रॉकेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, विमान तथा मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी/ड्रोन) को मार गिराने के लिए तैयार किया गया है। इन परीक्षणों के नए चरण की घोषणा ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता कर रहे थे। यह घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सामने आया है, जहां तेहरान की ओर से संभावित हमले की आशंका जताई जा रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:12 घंटे में 5 मर्डर, 2026 में अब तक मारे गए 44 इजरायली-अरब समुदाय के लोग

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये अभ्यास जून 2025 में ईरान के साथ हुए 12 दिवसीय युद्ध से प्राप्त 'परिचालन अनुभवों' पर आधारित थे। इसमें मौजूदा और उभरते खतरों के अनुरूप कई चुनौतीपूर्ण परिदृश्य शामिल किए गए। मंत्रालय ने कहा कि परीक्षणों की सफलता प्रणाली के तकनीकी और परिचालन उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। युद्ध के दौरान इस प्रणाली ने उच्च प्रदर्शन दिखाया और सफल अवरोधनों से कई जानें बचाईं तथा बड़े नुकसान को टाला।

बता दें कि डेविड्स स्लिंग वर्ष 2017 से इजरायल में सक्रिय है और देश की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली का मध्य स्तर बनाती है। इस ढांचे में कम दूरी के लिए आयरन डोम और आयरन बीम शामिल हैं, जबकि लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए शीर्ष स्तर पर एरो-3 प्रणाली तैनात है। डेविड्स स्लिंग के उन्नयन से एरो-3 पर दबाव कम होता है। एरो-3 को इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया है। जहां डेविड्स स्लिंग की एक मिसाइल दागने की लागत लगभग 10 लाख डॉलर है, वहीं एरो-3 के इस्तेमाल पर 25 लाख डॉलर से अधिक खर्च आ सकता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:8 मुस्लिम देशों ने इजरायल के खिलाफ खोला नया मोर्चा, ईरान संकट के बीच नया बखेड़ा

हालांकि डेविड्स स्लिंग को मूल रूप से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था, लेकिन रक्षा सूत्रों के अनुसार जून 2025 में ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इसे तैनात किया गया और इसने लगभग 1500 किलोमीटर दूर से दागी गई कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया। इससे पहले इसका उपयोग मुख्य रूप से गाजा पट्टी और लेबनान से हमास तथा हिज़बुल्लाह द्वारा दागे गए मध्यम दूरी के रॉकेटों के खिलाफ किया जाता था।

सेना के अनुसार, जून के संघर्ष के दौरान तेहरान की ओर से दागी गई लगभग 550 बैलिस्टिक मिसाइलों और 1000 से अधिक ड्रोनों में से करीब 85 प्रतिशत को सफलतापूर्वक मार गिराया गया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।