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ट्रंप को नहीं थोपने देंगे अपनी शर्तें, ईरान ने झटका दे ठुकराया अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका की युद्धविराम योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ, लेकिन ईरान ने इसे अस्वीकार करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए।

Wed, 25 March 2026 08:43 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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ट्रंप को नहीं थोपने देंगे अपनी शर्तें, ईरान ने झटका दे ठुकराया अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने साफ कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को तभी समाप्त किया जाएगा, जब उसकी अपनी शर्तें पूरी की जाएंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम के लिए समयसीमा तय करने या कोई भी प्रस्ताव रखने के प्रयास को तेहरान ने दृढ़ता से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्ताव को 'अत्यधिक' और अस्वीकार्य बताया है। ईरान की सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी कि तेहरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव की समीक्षा की है, लेकिन उसकी शर्तें ईरान के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।

न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, पाकिस्तान के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रस्ताव में प्रतिबंधों में ढील, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश, बैलिस्टिक मिसाइलों पर सीमाएं और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का प्रावधान शामिल है। वहीं, मिस्र के एक मध्यस्थ अधिकारी ने कहा कि योजना में ईरान द्वारा समर्थित सशस्त्र समूहों पर भी रोक लगाने का प्रावधान है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने योजना की प्राप्ति की पुष्टि नहीं की और कहा कि वे अमेरिका या इजरायल के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेंगे।

ईरान के खत्म अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागरी ने सरकारी टीवी पर प्रसारित बयान में कहा कि पहले दिन से हमारा एक ही संदेश रहा है और रहेगा, हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। न अब, न कभी।

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दूसरी ओर सुरक्षा के लिहाज से ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और प्रॉक्सी मिलिशियाओं के समर्थन को अहम मानता है। होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण उसके सबसे बड़े रणनीतिक हथियारों में से एक है। ईरान के हमलों और होर्मुज पर लगाए गए 'प्रतिबंध' से वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और ऊर्जा संकट की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इस बीच अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। सूत्रों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम 1000 पैराट्रूपर्स को आने वाले दिनों में मध्य पूर्व भेजा जाएगा। इसके अलावा पेंटागन लगभग 5000 अतिरिक्त मरीन सैनिकों और हजारों नौसैनिकों को भी क्षेत्र में तैनात करने की तैयारी कर रहा है।

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चुनौतियां अब भी बरकरार

मिस्र और पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, मध्यस्थ देश ईरान और अमेरिका के बीच आमने-सामने की बातचीत कराने का प्रयास कर रहे हैं, जो शुक्रवार को पाकिस्तान में हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन इस समय बातचीत कर रहा है। इसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, उनके दामाद जेरेड कुशनर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शामिल हैं। ट्रंप ने दावा किया कि दूसरी तरफ के लोग समझौता करना चाहते हैं, हालांकि ईरान ने इस बात से इनकार किया है। इधर इजरायली सेना ने बुधवार को तेहरान में हवाई हमलों के कई चरण पूरे करने की जानकारी दी। सेना ने बताया कि एक दिन पहले इस्फहान स्थित ईरानी पनडुब्बी विकास केंद्र को निशाना बनाया गया था।

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