Iran safest place amid war where Tehran residents are going in search of peace युद्ध के बीच ईरान की सबसे 'सेफ' जगह, जानें शांति की तलाश में कहां जा रहे तेहरान के लोग, Middle-east Hindi News - Hindustan
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युद्ध के बीच ईरान की सबसे 'सेफ' जगह, जानें शांति की तलाश में कहां जा रहे तेहरान के लोग

इजरायल और अमेरिकी वार से परेशान तेहरान के स्थानीय लोग युद्ध की मार से बचने के लिए उत्तर की ओर ईरान के शांत कैस्पियन सागर तटीय क्षेत्र, जिसे 'ईरानी रिवेरा' कहा जाता है, की ओर पलायन कर रहे हैं। बाबोलसर, कैस्पियन तट पर स्थित इस लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर में युद्ध की आहट बहुत दूर लगती है।

Tue, 17 March 2026 07:23 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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युद्ध के बीच ईरान की सबसे 'सेफ' जगह, जानें शांति की तलाश में कहां जा रहे तेहरान के लोग

इजरायल और अमेरिकी वार से परेशान तेहरान के स्थानीय लोग युद्ध की मार से बचने के लिए उत्तर की ओर ईरान के शांत कैस्पियन सागर तटीय क्षेत्र, जिसे 'ईरानी रिवेरा' कहा जाता है, की ओर पलायन कर रहे हैं। बाबोलसर (माजंदरान प्रांत), कैस्पियन तट पर स्थित इस लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर में युद्ध की आहट बहुत दूर लगती है। बताया जा रहा है कि अभी तक यहां कोई बड़े विस्फोट नहीं हुए है, यूं कहें तो नहीं हो रहे हैं। साथ ही यहां पर पुलिस जांच भी कम है और दुकानों में सामान भरपूर उपलब्ध है।

तेहरान से भागकर यहां पहुंचीं 30 वर्षीय एक ईरानी महिला ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि ऐसा लगता है जैसे लोगों को पता ही नहीं कि युद्ध चल रहा है, या फिर वे इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे। यह महिला बाबोलसर से बात कर रही थीं, जो कैस्पियन सागर के किनारे बसे उन शहरों में से एक है, जहां समुद्र तट और शांत माहौल के कारण इसे ईरान का 'रिवेरा' कहा जाता है। उन्होंने कहा कि माजंदरान प्रांत के छोटे शहर बेहशहर में एक हमले को छोड़कर इस क्षेत्र को मिसाइल हमलों का निशाना नहीं बनाया गया है।

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राजधानी तेहरान से करीब 200 किलोमीटर उत्तर में अल्बोर्ज पर्वत श्रृंखला के पार स्थित यह तटीय इलाका सामान्य दिनों में भी तेहरानवासियों का पसंदीदा वीकेंड गंतव्य रहा है। गर्मियों में यहां ठंडी हवा मिलती है और धार्मिक नियमों (जैसे शराब या विवाहेतर संबंधों पर पाबंदी) का पालन यहां कम सख्ती से होता है, जिससे इसकी लोकप्रियता बढ़ती है। युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान में रोजाना होने वाले हवाई हमलों से बचने के लिए लोग हर दिशा में परिवार या दोस्तों के सहारे भाग रहे हैं।

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बाबोलसर पहुंची महिला के लिए सबसे बड़ी समस्या ईंधन की कमी है। उन्होंने कहा कि 10 लीटर से ज्यादा पेट्रोल नहीं मिलता और पंपों पर लंबी कतारें लगी रहती हैं। वहीं, टोनेकबोन शहर के 49 वर्षीय निवासी अली ने बताया कि कीमतों में 'काफी' इजाफा हुआ है, इसके बावजूद अच्छी बात ये है किसब कुछ बड़ी मात्रा में आसानी से उपलब्ध है और सुपरमार्केट पहले की तरह खुले हैं। दिन में माहौल लगभग सामान्य रहता है, लेकिन शाम को बदलाव आ जाता है। अली ने आगे कहा कि शाम को इस्लामी गणराज्य के समर्थक सड़कों पर उतर आते हैं, झंडे लहराते हुए 'अल्लाहू अकबर' के नारे लगाते हैं।

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