हमला हुआ तो तुरंत करारा जवाब; ओमान में अमेरिका से बातचीत के बीच ईरान के कमांडर का ऐलान
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच दोनों देश शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में बातचीत करने पर सहमत हो गए हैं। इसी बीच ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर ने दावा किया है कि देश ने स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों को उन्नत करके अपनी डिफेंस क्षमता को काफी मजबूत कर लिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच दोनों देश शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में बातचीत करने पर सहमत हो गए हैं। इसी बीच ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर ने दावा किया है कि देश ने स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों को उन्नत करके अपनी डिफेंस क्षमता को काफी मजबूत कर लिया है। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, बुधवार को ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दोलरहीम मूसावी ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) द्वारा संचालित एक मिसाइल सुविधा (मिसाइल बेस) का दौरा किया। उनके साथ आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल माजिद मूसावी भी थे।
दौरे के दौरान मूसावी ने कहा कि अपने बैलिस्टिक मिसाइलों को सभी तकनीकी आयामों में उन्नत करके, ईरान अपनी निवारक शक्ति को मजबूत करने में सफल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी शत्रुतापूर्ण कदम का मुकाबला करने के लिए ईरान पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 12 दिनों के युद्ध के बाद हमने अपनी सैन्य रणनीति को रक्षात्मक से आक्रामक में बदल दिया है। युद्ध की नीति अपनाकर हमने दुश्मनों को करारा जवाब देने की अपनी तत्परता को और मजबूत किया है।
उनका यह बयान पिछले साल जून में हुए 12 दिनों के युद्ध (ईरान-इजरायल युद्ध, जिसमें अमेरिका भी शामिल हुआ) के संदर्भ में था, जिसमें कम से कम 1064 लोगों की मौत हुई थी। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने 13 जून को हमला किया था, जब तेहरान वाशिंगटन के साथ परमाणु वार्ता में लगा हुआ था। बाद में अमेरिका ने ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला करके इसमें हिस्सा लिया। ईरानी सेना ने जवाब में कब्जे वाले क्षेत्रों में रणनीतिक ठिकानों और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे अल-उदैद पर हमले किए। उसके बाद से ईरान ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक सैन्य क्षमताओं को तेजी से मजबूत किया है।
अमेरिका द्वारा क्षेत्र में अतिरिक्त हवाई और नौसैनिक ताकत तैनात करने तथा इस्लामी गणराज्य के खिलाफ धमकियां जारी करने से तनाव फिर बढ़ गया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी हमले का तुरंत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष छिड़ सकता है। हालांकि, हाल के दिनों में राजनयिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे तनाव कुछ कम हुआ है। अब उम्मीद है कि ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधि शुक्रवार को ओमान में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के नए दौर के लिए मिलेंगे।
वहीं, मिसाइल बेस के निरीक्षण से लौटते हुए मूसावी ने दोहराया कि 12 दिनों के संघर्ष के बाद ईरान ने 'रक्षात्मक' रुख से 'आक्रामक' दृष्टिकोण अपनाया है और भविष्य के किसी भी आक्रमण का मजबूती से जवाब देने के लिए 'असममित युद्ध की रणनीति' अपनाई है। इस सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने चेतावनी दी थी कि ईरान के विरोधियों द्वारा किसी भी गलतफहमी या गलत कदम से 'तेज' और 'निर्णायक' प्रतिक्रिया होगी। ईरानी सशस्त्र बलों की तत्परता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हम केवल जीत के बारे में सोचते हैं। दुश्मन की दिखावटी ताकत से हमें कोई डर नहीं है। हम टकराव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उसे करारा जवाब देने के लिए भी तैयार हैं।
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