US-इजरायल बना रहे 'सरप्राइज अटैक' का प्लान, ईरान का बड़ा दावा; 48 घंटे बाद बिगड़ने वाले हैं हालात?
होर्मुज में जारी तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसे विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली है, जिसमें संकेत है कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर अचानक हमले की तैयारी कर रहे हैं। यह दावा ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

ईरान के साथ चल रहे युद्ध में दो सप्ताह का युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने वाला है, लेकिन इसकी स्थिति पूरी तरह अधर में लटकी हुई है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित नई वार्ता की तैयारी के बावजूद, हालिया घटनाक्रमों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। बता दें कि युद्धविराम 8 अप्रैल को शुरू हुआ था, जिसके बाद भी कुछ हमले जारी रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई बार समयसीमा तय करने के बाद यह समझौता हुआ, जिसमें एक समय ईरान की सभ्यता को खतरे में डालने की चेतावनी भी दी गई थी। युद्धविराम की समयसीमा 22 अप्रैल (बुधवार) को 0000 GMT (मंगलवार रात 8 बजे ईटी) पर समाप्त हो रही है। माना जा रहा है कि अगर दोनों पक्षकारों के बीच कोई सहमति नहीं बनी तो एक बार फिर जंग शुरू हो सकती है। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसे विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली है, जिसमें संकेत है कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर अचानक हमले की तैयारी कर रहे हैं। यह दावा ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
प्रभावी रूप से बंद है होर्मुज
फारस की खाड़ी का संकरा मुहाना होर्मुज स्ट्रेट, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस परिवहन होता है, ईरानी हमलों के कारण लगभग बंद पड़ा है। ईरान ने रविवार को होर्मुज में में जहाजों को निशाना बनाया। अमेरिका ने भी एक ईरानी मालवाहक जहाज पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया, जो अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इस घटना से स्थिति की अस्थिरता साफ झलक रही है और युद्ध के दोबारा शुरू होने की आशंका बनी हुई है। दूसरी ओर ईरान का दावा है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी नहीं हटाता, होर्मुज मार्ग खुला नहीं जाएगा।
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का पहला दौर 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुआ, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हिस्सा लिया। 21 घंटे चली इस मैराथन बैठक बिना किसी समझौते के समाप्त हुई। अब एक बार फिर इस्लामाबाद में दूसरा दौर शुरू होने की तैयारी है। वाइट हाउस ने बताया कि जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर आगामी दिनों में इस्लामाबाद पहुंचेंगे। हालांकि, अब तक न तो ईरान और न ही अमेरिका की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने की पुष्टि हुई है। होर्मुज स्ट्रेट, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और अन्य मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई बनी हुई है।
ईरान का परमाणु भंडार
ईरान का उच्च संवर्धित यूरेनियम अभी भी देश के अंदर ही मौजूद है, संभवतः उन संवर्धन केंद्रों में जो पिछले साल जून में हुए युद्ध के दौरान अमेरिकी बमबारी का निशाना बने थे। ईरान ने तब से नया संवर्धन नहीं किया है, लेकिन वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम चलाने का अधिकार जताता है और हथियार बनाने से इनकार करता है। ट्रंप प्रशासन ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान से अपने पूरे परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने और भंडार सौंपने की मांग की है, जिसे ईरान ने अपने 10 सूत्री प्रस्ताव में खारिज कर दिया था।
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