Enemies will receive a befitting reply Iran announces on 47th anniversary of Islamic Revolution दुश्मनों को मिलेगा करारा जवाब; इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर ईरान का ऐलान, Middle-east Hindi News - Hindustan
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दुश्मनों को मिलेगा करारा जवाब; इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर ईरान का ऐलान

ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिका और इजरायल जैसे दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है। इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर जारी बयान में जनरल स्टाफ ने कहा कि देश की धरती पर किसी भी खतरे, साजिश या अतिक्रमण का जवाब अब अधिक बलपूर्वक और व्यापक प्रतिक्रिया से दिया जाएगा।

Tue, 10 Feb 2026 04:48 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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दुश्मनों को मिलेगा करारा जवाब; इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर ईरान का ऐलान

ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिका और इजरायल जैसे दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है। इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर जारी बयान में जनरल स्टाफ ने कहा कि देश की धरती पर किसी भी खतरे, साजिश या अतिक्रमण का जवाब अब अधिक बलपूर्वक और व्यापक प्रतिक्रिया से दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता से परमाणु वार्ता चल रही है, लेकिन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ गई है और ट्रंप प्रशासन की ओर से सख्त रुख अपनाया जा रहा है। ईरानी सेना ने जोर दिया कि बढ़ते दबाव ने उनके संकल्प को और मजबूत किया है।

इस्लामी क्रांति की विजय की 47वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर मंगलवार को जारी एक बयान में जनरल स्टाफ ने ईरानी राष्ट्र के धैर्य की सराहना की और बाहरी खतरों के खिलाफ अटल रक्षा का संकल्प दोहराया। बयान में कहा गया है कि ईरान किसी भी खतरे, साजिश या अतिक्रमण के सामने मजबूती और अधिकार के साथ खड़ा रहेगा तथा खतरों का मुकाबला अधिक शक्तिशाली और व्यापक जवाबी कार्रवाई से करेगा।

ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, जून 2025 में जब अमेरिका और ईरान के बीच प्रमुख विवादों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की वार्ता चल रही थी, तब इजरायल ने ईरान के खिलाफ 12 दिनों का संघर्ष शुरू किया। बाद में अमेरिका भी इस संघर्ष में शामिल हो गया, लेकिन ईरान की जोरदार जवाबी कार्रवाई के बाद इजरायल को अंततः युद्धविराम की मांग करनी पड़ी। बयान में कहा गया कि दुश्मनों, खासकर अमेरिका और इजरायली शासन की ओर से बढ़ते दबाव ने ईरान के संकल्प और प्रतिरोध को और भी मजबूत कर दिया है।

बयान में आगे कहा गया कि अब इस्लामी क्रांति के 47 वर्ष पूरे होने के बाद कोई भी निष्पक्ष और स्वतंत्र विचार वाला व्यक्ति स्पष्ट देख सकता है कि एक शक्तिशाली और स्वतंत्र ईरान ने सभी शत्रुताओं और दबावों के बावजूद वैज्ञानिक, रक्षा, तकनीकी, सामाजिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों में सम्मान, प्रगति और आत्मनिर्भरता की ऊँचाइयों को हासिल कर लिया है। इसमें यह भी कहा गया कि वैश्विक साम्राज्यवादी शक्तियों ने पहलवी शासन के पतन के साथ अपना अनुचित प्रभाव खो दिया और क्रांति की शुरुआत से ही ईरानी लोगों के प्रति शत्रुता पाल रखी है।

इस दौरान जनरल स्टाफ ने नागरिकों से 11 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी रैलियों में व्यापक भागीदारी के जरिए शक्ति का एकजुट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एकता और एकजुटता का प्रदर्शन होगा, जो विजयी ईरानी जनता के खिलाफ वैश्विक अहंकार ( खासकर अमेरिका और इजरायल) की योजनाओं को एक बार फिर नाकाम कर देगा। बता दें कि सोमवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने क्रांति की वर्षगांठ पर ईरानी राष्ट्र से दृढ़ संकल्प और धैर्य बनाए रखने की अपील की थी और कहा था कि ऐसी एकजुटता दुश्मन को पराजित कर देगी।

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