अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सऊदी अरब का बड़ा फैसला, कंसल्टिंग फर्मों के नए कॉन्ट्रैक्ट्स किए सस्पेंड
अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में फैले व्यापक संकट के चलते सऊदी अरब ने देश में कार्यरत पश्चिमी परामर्श कंपनियों के साथ नए अनुबंधों को निलंबित कर दिया है। साथ ही कुछ भुगतानों में भी देरी की गई है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में फैले व्यापक संकट के चलते सऊदी अरब ने देश में कार्यरत पश्चिमी परामर्श कंपनियों के साथ नए अनुबंधों को निलंबित कर दिया है। साथ ही कुछ भुगतानों में भी देरी की गई है। बताया जा रहा है कि बढ़ते वित्तीय घाटे और तेल आय पर पड़े असर से निपटने के लिए रियाद यह कदम उठाने को मजबूर हुआ है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग तीन महीने तक चले अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष ने होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाने वाले जहाजरानी मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया, आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुईं और कई आवश्यक वस्तुओं की कमी पैदा हो गई।
परामर्श कंपनियों पर असर
दरअसल, संघर्ष शुरू होते ही सऊदी सरकार ने नए अनुबंधों पर रोक लगा दी। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, मैकिन्से, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) और बिग फोर अकाउंटिंग-एडवाइजरी कंपनियों समेत कई प्रमुख परामर्श फर्मों के अधिकारियों ने बताया कि रियाद ने औपचारिक घोषणा तो नहीं की, लेकिन सभी को साफ संकेत दे दिया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि वे कह रहे हैं कि जुलाई तक भुगतान नहीं करेंगे। वहीं, दूसरे अधिकारी ने बताया कि नए समझौतों और बिलों के भुगतान संबंधी फैसले दूसरी तिमाही के अंत तक टाल दिए गए हैं।
विजन 2030 पर पड़ेगा असर
बताया जा रहा है कि यह कदम क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की महत्वाकांक्षी 'विजन 2030' योजना के तहत सरकारी खर्च को नियंत्रित करने की दिशा में एक और प्रयास है। योजना का मकसद तेल पर निर्भरता घटाना, आर्थिक विविधीकरण करना और सऊदी अरब को वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख खिलाड़ी बनाना है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करने की क्षमता के कारण सऊदी अरब को अपने रक्षा खर्च और लाल सागर के बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त निवेश करना पड़ सकता है। इससे बजट पर और दबाव बढ़ेगा।
क्या बोला सऊदी वित्त मंत्रालय?
सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय ने रिपोर्ट के दावों को आंशिक रूप से खारिज करते हुए कहा कि सरकार सभी निवेशों और परामर्श सेवाओं से विजन 2030 के रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप स्पष्ट प्रतिफल सुनिश्चित करती है। मंत्रालय ने दावा किया कि वर्ष 2026 में 99.5 प्रतिशत बिलों का भुगतान निर्धारित समयसीमा के अंदर ही किया गया था।
मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी बरकरार
बता दें कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम तो हो गया, लेकिन वार्ता ठप्प पड़ी हुई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। अप्रैल में युद्धविराम के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है। ईरान ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत खाड़ी देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है, जबकि खाड़ी देशों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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