Big Breaking Iran Revolutionary Guards seize two oil smuggling ships फारस की खाड़ी में ईरान का ऐक्शन; रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तेल तस्करी कर रहे दो जहाज किए जब्त, Middle-east Hindi News - Hindustan
More

फारस की खाड़ी में ईरान का ऐक्शन; रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तेल तस्करी कर रहे दो जहाज किए जब्त

आईआरजीसी की नौसेना ने इन जहाजों को बन्दर अब्बास के पास बुशहर बंदरगाह में स्थानांतरित कर दिया है। सभी चालक दल सदस्यों और जब्त जहाजों को कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायिक अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है।

Thu, 5 Feb 2026 10:10 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share
फारस की खाड़ी में ईरान का ऐक्शन; रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तेल तस्करी कर रहे दो जहाज किए जब्त

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को फारस की खाड़ी में 'फारसी द्वीप' के पास ईंधन तस्करी में शामिल दो विदेशी जहाजों को जब्त कर लिया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान जहाजों पर मौजूद 15 विदेशी चालक दल के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है और 10 लाख लीटर से अधिक तस्करी का ईंधन (मुख्य रूप से डीजल) बरामद किया गया है।

आईआरजीसी की नौसेना ने इन जहाजों को बन्दर अब्बास के पास बुशहर बंदरगाह में स्थानांतरित कर दिया है। सभी चालक दल सदस्यों और जब्त जहाजों को कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायिक अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है।

आईआरजीसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ये जहाज एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो पिछले कई महीनों से क्षेत्र में अवैध ईंधन तस्करी का संचालन कर रहा था। इन जहाजों पर लंबे समय से तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और ट्रैकिंग के आधार पर नजर रखी जा रही थी, जिसके बाद इन्हें पकड़ा गया।

बता दें कि ईरान समय-समय पर ऐसे आरोपों पर क्षेत्र में तेल टैंकरों को जब्त करता रहा है। दिसंबर में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक विदेशी टैंकर को पकड़ा था और उसके 16 चालक दल सदस्यों को हिरासत में लिया था। नवंबर में भी इसी क्षेत्र में एक जहाज जब्त किया गया था।

पश्चिमी देशों ने 2019 में लिम्पेट माइंस से टैंकरों पर हमलों की एक श्रृंखला और 2021 में इजरायल से जुड़े एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले (जिसमें दो यूरोपीय चालक दल सदस्य मारे गए थे) के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। ये घटनाएं तब तेज हुईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2015 के ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को एकतरफा अलग कर लिया था।

गौरतलब है कि ईरान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां ईंधन की कीमतें सबसे कम हैं, जिसके कारण पड़ोसी देशों और समुद्री मार्गों के जरिए ईंधन की तस्करी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। आईआरजीसी नियमित रूप से ऐसे अभियानों को अंजाम देता है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।