कौन हैं IAS तुकाराम मुंधे, जिनके 21 साल में 24 ट्रांसफर; फडणवीस सरकार ने अब कहां भेजा
तुकाराम मुंधे का महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसफर किया है। बीते 21 सालों के कार्यकाल में उनका यह 24वां तबादला है। तुकाराम मुंधे को एक ईमानदार सरकारी अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। मुंधे के अलावा जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें अश्विनी भिड़े, विकास चंद्र रस्तोगी और लोकेश चंद्र भी शामिल हैं।

बीते साल रिटायर हुए पूर्व आईएएस अधिकारी अशोक खेमका देश भर में ट्रांसफर के लिए मशहूर हो गए थे। पूरे कार्यकाल में उनका कुल 66 बार स्थानांतरण हुआ था। अब ऐसी ही कहानी आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंधे की है। उनका मंगलवार को एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसफर किया है और बीते 21 सालों के कार्यकाल में उनका यह 24वां तबादला है। तुकाराम मुंधे को एक ईमानदार सरकारी अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। मुंधे के अलावा जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें अश्विनी भिड़े, विकास चंद्र रस्तोगी और लोकेश चंद्र भी शामिल हैं।
मुंबई स्थित मंत्रालय में दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंधे का तबादला राज्य सचिवालय में सचिव, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, राजस्व और वन विभाग के पद पर किया गया है। उन्हें अगस्त 2025 में यानी एक साल से भी कम समय पहले दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव के पद पर तैनात किया गया था। मुख्यमंत्री की अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत अश्विनी भिडे को बीएमसी का आयुक्त नियुक्त किया गया है। अश्विनी भिडे़ भारत के सबसे धनी नागरिक निकाय के 154 साल के इतिहास में इस पद को संभालने वाली पहली महिला बनी हैं।
तुकाराम मुंधे की बात करें तो उनका जन्म महाराष्ट्र के बीड़ जिले के एक गांव में हुआ था। उनके पिता किसान रहे हैं और जिला परिषद के सरकारी स्कूल से ही तुकाराम ने प्राइमरी शिक्षा प्राप्त की थी। प्रशासनिक सेवा के अपने करियर में तुकाराम की पहचान एक सख्त अधिकारी के तौर पर रही है। इसके अलावा उन्हें 'वॉटरमैन ऑफ महाराष्ट्र', जनता का अधिकारी और यूथ आइकॉन जैसे अवॉर्ड्स से भी नवाजा जाता रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने के अलावा अवैध गतिविधियों पर मोटा जुर्माना लगाने के लिए उनकी चर्चा होती रही है।
पुणे, नागपुर जैसे कई शहरों में तैनात रहे हैं तुकाराम
वह नवी मुंबई के कमिश्नर के तौर पर काम कर चुके हैं तो वहीं पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड के तौर पर भी कमान संभाल चुके हैं। ऐसे में जब उनका 24वीं बार ट्रांसफर हुआ तो इसकी भी चर्चा काफी ज्यादा है। बता दें कि हरियाणा के सीनियर अधिकारी रहे अशोक खेमका का नाम स्थानांतरण के चलते ही मशहूर हुआ था। वही अधिकारी थे, जिनके कार्यकाल में रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी लैंड डील का मामला सामने आया था। अब 21 साल में ही 24 ट्रांसफर पाने वाले तुकाराम मुंधे की भी उनसे तुलना की जा रही है।




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