सुनेत्रा पवार के हाथ होगी पूरी पावर, डिप्टी सीएम बनीं और अब अध्यक्ष पद भी संभालने को तैयार
एनसीपी के हलकों में चर्चा थी कि प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। लेकिन अब यह पद भी सुनेत्रा पवार को ही मिल सकता है। प्रफुल्ल पटेल ने ही खुद को अध्यक्ष बनाए जाने के कयासों को खारिज किया है और कहा कि पार्टी के ज्यादातर लोग चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार ही अध्यक्ष बनें।

एनसीपी में सुनेत्रा पवार की ताकत और एनसीपी में और बढ़ सकती है। पति अजित पवार के निधन के बाद वह डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ले चुकी हैं। अब वह पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनने की तैयारी में हैं। अजित पवार की बीते सप्ताह प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। इसके तीन दिन बाद ही सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। फिर चर्चा थी कि प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। लेकिन अब यह पद भी सुनेत्रा पवार को ही मिल सकता है। प्रफुल्ल पटेल ने ही खुद को अध्यक्ष बनाए जाने के कयासों को खारिज किया है और कहा कि पार्टी के ज्यादातर लोग चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार ही अध्यक्ष बनें।
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने भी सुनेत्रा पवार का कद बढ़ा दिया है। उन्हें पुणे और बीड जिलों का गार्जियन मिनिस्टर बनाया गया है। अजित पवार के पास भी इन जिलों की जिम्मेदारी थी। प्रफुल्ल पटेल ने कहा, 'हम सभी चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार ही अध्यक्ष बनें और सभी लोग मिलकर पार्टी को मजबूत करने में उनकी मदद करेंगे। यह अजित पवार के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।' यही नहीं उन्होंने कहा कि हम पार्टी की एक मीटिंग बुलाएंगे और उसमें सभी की भावनाओं को रखते हुए फैसला लेंगे। यह साफ कर दूं कि मैं अध्यक्ष पद की रेस में नहीं हूं।
इसके अलावा पार्टी के विलय को लेकर भी उन्होंने कहा कि ऐसी कोई चर्चा हमारे आगे नहीं आई थी। पटेल ने कहा कि अजित दादा ने दो बार टीवी इंटरव्यू में कहा था कि एनसीपी के विलय का कोई प्रस्ताव नहीं है। उनका साफ कहना था कि यह एकता फिलहाल निकाय चुनाव को लेकर ही है। उन्होंने कहा कि हमने तो चुनाव में अहिल्यानगर में भाजपा के साथ गठबंधन किया था। इसके अलावा शिवसेना से नासिक में भी समझौता किया था।
प्रफुल्ल पटेल बोले- अजित पवार ने विलय पर कुछ नहीं कहा था
पटेल ने कहा कि अजित पवार ने विलय की कोई बात नहीं की थी। उनका इतना ही कहना था कि कुछ लोगों की ऐसी भावना है कि दोनों गुटों को साथ मिलकर काम करना चाहिए। लेकिन इस संबंध में कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई थी। इसके अलावा उनका कहना था कि मुझे एनसीपी-एसपी के नेताओं से मिलने कोई समस्या नहीं है। हम मिलने के लिए तैयार हैं और आखिर हम कभी एक ही परिवार का हिस्सा थे। बता दें कि अजित पवार की मौत से कुछ दिन पहले तक एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय की चर्चा जरूर थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई समझौता नहीं हुआ था और ना ही किसी बड़े नेता ने कुछ कहा था।




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