कौन हैं पार्थ पवार, क्या होगा अजित पवार का अगला कदम? महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े अपडेट्स
पार्थ पवार अनिल देशमुख को लिखे अपने पत्र के कारण चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार के रुख का खंडन करते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।

अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर अजित पवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद से महाराष्ट्र के पवार परिवार में सत्ता संघर्ष शुरू हुआ है। तब से अजित पवार के बेटे पार्थ पवार सुर्खियों में हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि अजित पवार अपने बेटे पार्थ को शिरूर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में वह पहली बार किस्मत आजमा रहे थे, लेकिन असफल रहे थे। उन्हें मावल सीट से हार का सामना करना पड़ा था।
पार्थ पवार तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को लिखे अपने पत्र के कारण चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार के रुख का खंडन करते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।
पवार बनाम पवार
1. शरद पवार ने गुरुवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित किया और राहुल गांधी से भी मुलाकात की। अजित पवार ने कहा कि यह बैठक अवैध है क्योंकि वह पार्टी के अध्यक्ष हैं।
2. बैठक में शरद पवार ने कहा कि उनकी उम्र कोई मायने नहीं रखती, चाहे 82 साल हो या 92 साल। वह अभी भी प्रभावी हैं।
3. शरद पवार गुट अब अजित पवार गुट के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएगा, जो पहले से ही एनसीपी के चुनाव चिन्ह पर दावा कर रहा है।
4. अजित पवार की आगे की रणनीति पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने नरेंद्र राणे को मुंबई में एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। अजीत पवार समूह द्वारा दीपक मानकर को पुणे का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
5. उद्धव सेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा, "एक और दिन बीत गया और अभी तक कोई नहीं जानता कि असंवैधानिक महाराष्ट्र सरकार में कौन सा मंत्रालय संभाल रहा है।" आपको बता दें कि रविवार को 9 विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया गया, लेकिन उन्हें विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।
6. पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को पहली बार एनसीपी विभाजन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "वे महाराष्ट्र के खिलाफ हैं। उन्होंने पहले सेना को तोड़ा और अब एनसीपी को। वे महाराष्ट्र को तोड़ना चाहते हैं।"
7. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर इस बात की अफवाह फैल रही थी कि वे अपने पद से इस्तीफा देंगे। उन्हें विधानसभा से अयोग्य ठहराया जा सकता है। शिंदे ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं दे रहे हैं और बाकी सब अफवाहें हैं। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार अब तीन दलों से बनी है, हमारे विधायकों की संख्या 200 से अधिक है। कोई भी नेता नाखुश नहीं है और सभी को हम पर भरोसा है। हमारी सरकार लगातार मजबूत हो रही है। हमें पीएम मोदी और अमित शाह का समर्थन प्राप्त है।"
8. इस बीच मनसे के अभिजीत पानसे की उद्धव सेना सांसद संजय राउत से मुलाकात के बाद ऐसी अटकलें हैं कि अलग हो चुके चचेरे भाई राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आ सकते हैं।




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