Maharashtra Politics Jay Parth Sunetra Pawar NCP signs of new power balance in Party and family सुनेत्रा की NCP में 'एक और पवार' की एंट्री, बैलेंस हो रहा पावर या साइडलाइन हो रहे 'बड़े' नेता?, Maharashtra Hindi News - Hindustan
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सुनेत्रा की NCP में 'एक और पवार' की एंट्री, बैलेंस हो रहा पावर या साइडलाइन हो रहे 'बड़े' नेता?

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजीत पवार के छोटे बेटे जय पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की शीर्ष कार्यकारिणी में एंट्री हो गई है। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

Sun, 5 April 2026 07:50 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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सुनेत्रा की NCP में 'एक और पवार' की एंट्री, बैलेंस हो रहा पावर या साइडलाइन हो रहे 'बड़े' नेता?

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजीत पवार के छोटे बेटे जय पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की शीर्ष कार्यकारिणी में एंट्री हो गई है। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जय पवार का पार्टी के सर्वोच्च निर्णय लेने वाली समिति में शामिल होना महज एक पारिवारिक नियुक्ति नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पार्टी के भीतर बढ़ते अविश्वास और सियासी संकट का संकेत बताया जा रहा है।

दरअसल, बड़े बेटे पार्थ पवार राज्यसभा सांसद हैं। ऐसे में एनसीपी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का छोटे बेटे जय को भी शीर्ष समिति में शामिल करना संगठन पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह कदम पार्टी को संभावित टूट-फूट और अंदरूनी अराजकता से बचाने के लिए उठाया गया है।

पार्टी पर परिवार की पकड़ और मजबूत?

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह कदम पवार परिवार के करीबी दायरे में सत्ता को केंद्रित करने की कोशिश है। साथ ही, विपक्षी एनसीपी (शरद पवार गुट) से जुड़े अन्य पारिवारिक दावेदारों को सत्ता से दूर रखने की रणनीति भी मानी जा रही है। लेकिन सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि क्या पार्टी के अंदर सब ठीक है?

दरअसल, पार्टी के भीतर दरारें तब खुलकर सामने आईं जब सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर 28 जनवरी से पहले के सभी पत्राचार को अमान्य घोषित करने की मांग की। यह वही तारीख है जब अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत हुई थी। इस कदम को 16 फरवरी को पेश किए गए संशोधित संविधान के खिलाफ असहमति के तौर पर देखा गया, जिसमें कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष को बराबर अधिकार दिए गए थे। फिलहाल प्रफुल्ल पटेल कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में हैं।

पार्टी के अंदर पटेल बनाम पवार?

बता दें कि NCP शरद गुट के नेता रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि प्रफुल्ल पटेल, सुनेत्रा पवार से पार्टी की कमान छीनने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद सुनेत्रा का पत्र, पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे पर लगाम कसने की कोशिश के रूप में देखा गया। इस बीच खबर ये भी आई कि पार्टी के कई निर्वाचित प्रतिनिधियों में पटेल और तटकरे के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है।

दूसरी ओर अजीत पवार की मृत्यु से पहले एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत लगभग अंतिम चरण में थी, लेकिन उनके निधन के बाद यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। इधर, रोहित पवार ने विमान दुर्घटना को लेकर कई सवाल उठाए हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संदेह और गहरा गया है। हालांकि पटेल-तटकरे गुट इस मुद्दे पर उतना आक्रामक नजर नहीं आया।

पार्टी के अंदर दो पावर सेंटर?

वहीं, सुनेत्रा पवार ने पार्थ को राज्यसभा और जय को शीर्ष समिति में जगह देकर पार्टी में धीरे-धीरे नई पीढ़ी को आगे लाने की शुरुआत कर दी। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में शीर्ष नेताओं की भूमिकाओं का स्पष्ट जिक्र नहीं किया, जिससे नेतृत्व के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश भी झलकती है। इस बीच सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या पार्टी के अंदर दो पावर सेंटर होंगे?

दरअसल, जय और पार्थ, दोनों को सक्रिय राजनीति में लाकर सुनेत्रा पवार ने पार्टी के भीतर दो मजबूत पावर सेंटर खड़े कर दिए हैं। अब संगठनात्मक फैसलों में पवार परिवार की भूमिका निर्णायक और अहम होगी, जबकि अन्य नेताओं का प्रभाव सीमित होता दिख रहा है, यूं कहें तो सीमित हो गया है।