Maharashtra minister Gulabrao Patil advised women to keep knife chilli powder along lipstick in purses महिलाएं पर्स में लिपस्टिक, मिर्च पाउडर और रामपुरी चाकू लेकर चलें; महाराष्ट्र के मंत्री की सलाह, Maharashtra Hindi News - Hindustan
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महिलाएं पर्स में लिपस्टिक, मिर्च पाउडर और रामपुरी चाकू लेकर चलें; महाराष्ट्र के मंत्री की सलाह

  • गुलाबराव पाटिल ने कहा, 'महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें एमएसआरटीसी बस किराए में 50 फीसदी कटौती, लाडकि बहिन योजना और लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा शामिल है।'

Sat, 8 March 2025 09:40 PMNiteesh Kumar भाषा
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महिलाएं पर्स में लिपस्टिक, मिर्च पाउडर और रामपुरी चाकू लेकर चलें; महाराष्ट्र के मंत्री की सलाह

महाराष्ट्र के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने महिलाओं को अपने पर्स में लिपस्टिक के साथ आत्मरक्षा के लिए चाकू और मिर्च पाउडर रखने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीनियर शिवसेना नेता ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा, 'महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें एमएसआरटीसी बस किराए में 50 फीसदी कटौती, लाडकि बहिन योजना और लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा शामिल है।'

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गुलाबराव पाटिल ने कहा, ‘भले ही हम महिला सशक्तीकरण की बात करें, लेकिन आज बुरी घटनाएं हो रही हैं। जब हम शिवसेना प्रमुख (बाल ठाकरे) के विचारों से प्रेरित थे, तो पत्रकारों ने उनकी (बाल ठाकरे) इस बात के लिए कड़ी आलोचना की थी कि उन्होंने कहा था कि महिलाओं को पर्स में लिपस्टिक के साथ मिर्च पाउडर और रामपुरी चाकू भी रखना चाहिए।’ पाटिल ने कहा, ‘आज भी यही स्थिति है। मैं आज की महिलाओं से आत्मरक्षा के लिए ऐसी वस्तुएं साथ रखने का अनुरोध करता हूं।’

देवेंद्र फडणवीस ने क्या दिया संदेश

वह महिलाओं के खिलाफ अपराध के हालिया मामलों का जिक्र कर रहे थे, जिसमें 25 फरवरी को पुणे में एमएसआरटीसी डिपो में 26 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार की घटना भी शामिल है। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि लैंगिक समानता फिलहाल केवल कागजों पर है और परिवारों में इसे आत्मसात किए जाने की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बेटी के पिता तौर पर वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां भगवान का आशीर्वाद हैं और यह वरदान पाकर वह स्वयं को भाग्यशाली महसूस करते हैं। फडणवीस ने कहा, ‘लैंगिक समानता एक ऐसा मूल्य है जिसे बचपन से ही सिखाया जाना चाहिए कि लड़कियां और लड़के दोनों ही विशिष्ट हैं जिनके साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। लैंगिक समानता केवल कागजों पर है और इसे परिवारों में आत्मसात करने की आवश्यकता है।’