'अगर ऐसा होता तो...'; शरद पवार गुट के NCP विलय के दावे पर देवेंद्र फडणवीस
अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार की तरफ से एनसीपी विलय की बातों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर विलय की चर्चा इतनी आगे बढ़ गई होती, तो अजित पवार मुझे इसके बारे में जरूर जानकारी देते।

महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से राज्य की राजनीति में कयासों का दौर जारी है। शरद पवार गुट की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि अजित पवार दोनों पार्टियों का फिर से विलय करना चाहते थे। हालांकि, उनके इस बयान पर न तो सुनेत्रा पवार और न ही एनसीपी के किसी और नेता ने अभी तक को बयान दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विलय की चर्चा अंतिम चरण में पहुंच गई होती, तो दिवंगत अजित पवार उन्हें इसके बारे में जानकारी जरूर देते।
मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र सीएम ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार सभी तरह की जानकारी उनके साथ साझा करते थे। फडणवीस ने हालांकि रविवार को कहा कि उन्हें अजित पवार की चाचा शरद पवार के साथ हुई बातचीत की जानकारी नहीं है और उन्हें 12 फरवरी की तारीख के बारे में भी नहीं पता। मुख्यमंत्री ने कहा, ''क्या राकांपा के विलय की बातचीत हमारी जानकारी के बिना अंतिम रूप ले सकती है? हमें 12 फरवरी की उस तारीख की जानकारी नहीं है, जिसे विलय की औपचारिक घोषणा की तारीख बताया जा रहा है।''
वह मुझसे सारी जानकारी साझा करते थे: देवेंद्र फडणवीस
फडणवीस ने कहा कि राकांपा एक स्वतंत्र पार्टी है जो अपने फैसले खुद लेती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी होने के नाते, उससे आगे बढ़ने से पहले भाजपा से परामर्श करने की उम्मीद की जाती है। भाजपा द्वारा राकांपा के दोनों गुटों के विलय का विरोध किए जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि उनकी पार्टी ने किसी का विरोध नहीं किया है। फडणवीस ने कहा, ''अगर अजित पवार विलय पर काम कर रहे थे, तो क्या वह भाजपा को विश्वास में लिए बिना ऐसा करते? क्या वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ने की तैयारी कर रहे थे, जहां वह स्थिर थे? वह मुझसे सभी जानकारी साझा करते थे।''
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सीएम का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब कि एनसीपी शरद गुट के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि उनके भतीजे एवं राकांपा नेता अजित पवार ने दोनों गुटों के बीच 'विलय' की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय कर ली थी, लेकिन अब उनकी (अजित पवार) मौत के कारण विलय की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। इसके बाद अजित पवार और शरद पवार के बीच 17 जनवरी को हुई बैठक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
शरद गुट की बयानबाजी के बीच सुनेत्रा की शपथ
शरद गुट की तरफ से जारी बयानबाजी के बीच एनसीपी विधायक दल ने अजित की पत्नी सुनेत्रा को अपना नेता चुन लिया। इसके बाद शनिवार को एक सादा समारोह में उन्होंने महाराष्ट्र की पहली उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुनेत्रा पवार को आबकारी, खेल, अल्पसंख्यक विकास और वक्फ विभाग आवंटित किए हैं। हालांकि, उन्हें वित्त और योजना विभाग नहीं दिए गए, जो उनके दिवंगत पति अजित पवार के पास थे। राज्य के वित्त विभाग को अपने पास रखने के बारे में पूछे जाने पर, फडणवीस ने कहा कि उन्होंने राकांपा नेताओं से इस बारे में बात की थी। फडणवीस ने कहा, ''मैं राज्य का बजट पेश करूंगा। बजट केवल भाषण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई विभागीय बैठकें शामिल होती हैं। सुनेत्रा पवार के लिए इतनी बड़ी जिम्मेदारी तुरंत उठाना संभव नहीं था, और उनसे इसकी अपेक्षा करना गलत है। हम बजट सत्र के बाद (वित्त विभाग पर) निर्णय लेंगे।''
राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुकीं सुनेत्रा को यहां लोक भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।




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