Abu Azmi love for Aurangzeb proved costly SP MLA suspended from Maharashtra Assembly अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ पड़ गई भारी, महाराष्ट्र विधानसभा से सस्पेंड हुए सपा विधायक, Maharashtra Hindi News - Hindustan
More

अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ पड़ गई भारी, महाराष्ट्र विधानसभा से सस्पेंड हुए सपा विधायक

  • Abu Azmi Suspends: बुधवार को विधानसभा के कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल द्वारा सपा विधायक अबू आजमी के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव पेश किया गया।

Wed, 5 March 2025 01:00 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ पड़ गई भारी, महाराष्ट्र विधानसभा से सस्पेंड हुए सपा विधायक

Abu Azmi Suspends: महाराष्ट्र विधानसभा में समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अबू आजमी को औरंगजेब को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान के कारण पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। बुधवार को विधानसभा के कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल द्वारा उनके निलंबन का प्रस्ताव पेश किया गया।

भाजपा विधायक सुधीर मुंगंटीवार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अबू आजमी को केवल एक या दो सत्रों के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से विधायक पद से निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज की पूजा की जाती है और हम ऐसे लोगों को आसानी से नहीं छोड़ सकते जो उनका अपमान करें।"

अबू आजमी ने क्या कहा था?

विधायक अबू आज़मी ने 'छावा' फिल्म को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा किया था, जो मराठा नायक छत्रपति संभाजी महाराज पर आधारित है। आजमी ने इस फिल्म में ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रण की आलोचना की और कहा कि औरंगजेब एक अच्छा प्रशासक था।

आजमी ने यह भी कहा, "'छावा' फिल्म में गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिरों का निर्माण किया था। मुझे नहीं लगता कि वह एक क्रूर शासक था।" इसके साथ ही उन्होंने यह दावा किया कि औरंगजेब के शासनकाल में भारत को सोने की चिड़ियां कहा जाता था।

माफी भी मांगी

समाजवादी पार्टी के विधायक ने हालांकि मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ में की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगी है। आजमी ने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और अगर भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट वीडियो में कहा, “मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मैंने औरंगजेब रहमतुल्लाह अलैह के बारे में वही बयान दिया है जो इतिहासकारों और लेखकों ने हमारे सामने पेश किया है। मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज या किसी अन्य महापुरुष के बारे में किसी तरह का अपमानजनक बयान नहीं दिया है।”