-4 डिग्री में रखा ट्विशा का शव खराब हो रहा… परिवार की मांग पर कोर्ट ने पुलिस को दिया खास निर्देश
ट्विशा के शव की हालात नाजुक होते देख पुलिस ने परिजनों से कहा कि आप शव को ले जाएं। परिवार ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जिस पर अदालत ने पुलिस को खास निर्देश दिया है। हालांकि, परिवार की एक बड़ी मांग को खारिज भी कर दिया है।

ट्विशा शर्मा का शव रखने के लिए -80 डिग्री तापमान की जरूरत है, लेकिन AIIMS भोपाल में ये इंतजाम न हो सका। तो शव खराब होने लगा, क्योंकि वहां -4 डिग्री तापमान पर ट्विशा का शव रखा रहा। हालात नाजुक होते देख पुलिस ने परिजनों से कहा कि आप शव को ले जाएं। परिवार ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जिस पर अदालत ने शव को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पुलिस को कड़ा निर्देश भी दिया है। हालांकि, परिजनों की सभी मांगे कोर्ट ने नहीं मानी हैं।
कोर्ट ने शव सुरक्षित रखने का दिया आदेश
भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को आदेश ट्विशा शर्मा के शव को सुरक्षित रखने का आदेश दे दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता ने आदेश पारित करते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि वे मध्यप्रदेश में कम तापमान वाले ऐसे स्टोरेज सुविधा के बारे में पता करें, जहां ट्विशा के शव को सुरक्षित रखा जा सकता हो। कोर्ट ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा- तुरंत जानकारी प्राप्त करें और बिना किसी देरी के अदालत में इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट सौंपे।
0 से -4 डिग्री पर रखा शव, खराब होने का डर...
पुलिस ने ट्विशा शर्मा के परिजनों से उसका शव लेने का अनुरोध किया था। कटारा हिल्स थाने के प्रभारी ने ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि उनकी बेटी का पोस्टमॉर्टम 13 मई को हुआ था। शव 0 से -4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भोपाल स्थित एम्स के मुर्दाघर में रखा गया है। पुलिस ने एम्स के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा था- शव को खराब होने से रोकने के लिए 0 से -80 डिग्री सेल्सियस का तापमान चाहिए है। यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है। इसलिए शव के खराब होने की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए शव परिवार को ले जाने का अनुरोध किया था।
परिवार ने की थीं 2 मांग; 1 खारिज, दूसरी मानी
ट्विशा पक्ष के एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया, हमारे द्वारा दूसरे पोस्टमॉर्टम और बॉडी प्रिजर्व करने के लिए आवेदन दिया गया था। इस सिलसिले में माननीय न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया है कि दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए बॉडी को दिल्ली एम्स नहीं भेज सकते हैं। इस तरह अदालत ने परिवार की एक अर्जी को ठुकरा दिया है।
दिल्ली एम्स में क्यों हो पोस्टमॉर्टम
पांडे ने बताया कि परिवार ने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि ट्विशा के माता-पिता को आशंका है कि उसकी सास सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहन भोपाल की सर्जन हैं, इसलिए अगर शहर के किसी अस्पताल में शव परीक्षण किया जाता है तो वह दूसरी पोस्टमॉर्टम को प्रभावित कर सकती हैं।




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