नारायण साई का तलाक केस आखिरी मोड़ पर, पत्नी ने कहा- साधिका संग गुपचुप शादी की
नारायण साई और उनकी पत्नी जानकी के बीच तलाक का केस आखिरी मोड़ पर पहुंच चुका है। बुधवार को इंदौर कुटुंब न्यायालय में दोनों पक्षों के बीच तीखी और अंतिम बहस हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

यौन शोषण केस में सजा काट रहे नारायण साई और उनकी पत्नी जानकी के बीच चल रहे तलाक विवाद ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। बुधवार को इंदौर कुटुंब न्यायालय में दोनों पक्षों के बीच तीखी और अंतिम बहस हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जमकर चला। एक तरफ जहां नारायण साई ने पत्नी पर पैसों के लिए तलाक का केस दायर करने का आरोप लगाया, वहीं जानकी ने उन पर मानसिक प्रताड़ना और वैवाहिक विश्वास तोड़ने जैसे गंभीर आरोप जड़े।
जानकी का दावा है कि नारायण साई ने शादीशुदा होने के बावजूद बिना जानकारी दिए राजस्थान में एक अन्य महिला से विवाह कर लिया और उससे संतान भी है। इसी आधार पर उन्होंने तलाक के साथ पांच करोड़ रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता देने की मांग रखी है। दूसरी ओर, नारायण साई इस मांग को ‘पैसों का दबाव’ बताते हुए खारिज कर रहे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में कोर्ट ने नारायण साई को हर माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन भुगतान नहीं होने से बकाया राशि बढ़कर 55 लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी है।
करीब तीन दशक पुराने इस रिश्ते- जो 1997 में शादी के बंधन में बंधा था- का भविष्य अब कोर्ट के फैसले पर टिका है। दोनों पक्षों के बीच खिंची तलवार और गंभीर आरोपों के बीच अब सभी की नजर अदालत के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।
इंदौर निवासी जानकी ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि 22 मई 1997 को हुई शादी के बावजूद नारायण साई ने राजस्थान में एक साधिका से गुपचुप विवाह कर लिया और उससे एक संतान भी है। इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने विवाह-विच्छेद की अर्जी दाखिल की है। साथ ही मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए भरण-पोषण का मामला भी दायर किया है और एकमुश्त पांच करोड़ रुपये की मांग रखी है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नारायण साई पहले से ही दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहा है। वर्ष 2019 में सूरत की दो बहनों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वहीं उसके पिता आसाराम को भी 2018 में दुष्कर्म के मामले में सजा मिल चुकी है। अक्टूबर 2025 में स्वास्थ्य कारणों के चलते जमानत मिलने के बाद आसाराम को इंदौर में देखा गया था। ऐसे में अब यह पारिवारिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और कानूनी लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है।




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