मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भजन में आजमाया हाथ, गाकर सुनाया 'बम-बम भोले'
महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री का यह शिवभक्ति वाला अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है, सोशल मीडिया पर लोग इसे “सादगी और भक्ति का संगम” बताते हुए लगातार शेयर कर रहे है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक अलग अंदाज़ इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल उज्जैन में आयोजित दो दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री शिव भक्ति में डूबे नजर आए जहां उन्होंने 'बम बम भोले' भजन गाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया।
उज्जैन में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, इस वीडियो में मुख्यमंत्री बेहद सहज और भक्तिमय अंदाज़ में 'बम बम भोले' भजन गाते हुए दिखाई दे रहे हैं, मुख्यमंत्री के इस अंदाज़ को वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद उनका VIDEO सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल भी होने लगा।
महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री का यह शिवभक्ति वाला अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है, सोशल मीडिया पर लोग इसे “सादगी और भक्ति का संगम” बताते हुए लगातार शेयर कर रहे है। कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री ने संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के साथ कार्यकर्ताओं के बीच आत्मीय माहौल भी बनाया और इस दौरान योग भी किया।
इस बारे में शेयर की एक सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम मोहन यादव ने लिखा, 'आज उज्जैन में आयोजित दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 'जिला प्रशिक्षण वर्ग' में योगाभ्यास किया।'
शुक्रवार को वैष्णोदेवी पहुंचे सीएम यादव
उधर इस कार्यक्रम के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को माता वैष्णो देवी मंदिर पहुंचकर वहां दर्शन किए और कहा कि वह अधिकारियों के एक दल के साथ यहां की प्रबंधन व्यवस्था का अध्ययन करने आए हैं ताकि उनके राज्य के मंदिरों के लिए एक प्रभावी मॉडल परियोजना विकसित की जा सके।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समझने पहुंचे सीएम
यादव ने कहा कि प्रस्तावित मॉडल में मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, जनसेवाओं और श्रद्धालुओं से जुड़ी सेवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। कटरा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर जैसे प्रमुख मंदिर हैं और 'अब हाल में मां वाग्देवी के मंदिर को उच्च न्यायालय ने एक तरह से मंदिर संस्थान के रूप में मान्यता दी है। हम अपनी प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने और उन्हें समझने के लिए एक दल के साथ आए हैं।'
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सेवा मॉडल का अध्ययन करने के लिए अलग-अलग दल भेजे गए हैं।




साइन इन