Indore Contaminated water NGO Big Claim Over GAG Report Ignored CAG रिपोर्ट की अनदेखी ना की होती तो…; इंदौर पानी कांड पर NGO का क्या दावा, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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CAG रिपोर्ट की अनदेखी ना की होती तो…; इंदौर पानी कांड पर NGO का क्या दावा

इंदौर में दूषित पानी से लोगों की सिलसिलेवार मौत के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम की गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराते हुए एक एनजीओ ने शनिवार को दावा किया कि यह त्रासदी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2019 की रिपोर्ट की अनदेखी का नतीजा है।

Sat, 3 Jan 2026 10:17 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, इंदौर, भाषा
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CAG रिपोर्ट की अनदेखी ना की होती तो…; इंदौर पानी कांड पर NGO का क्या दावा

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से लोगों की सिलसिलेवार मौत के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम की गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराते हुए एक एनजीओ ने शनिवार को दावा किया कि यह त्रासदी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2019 की रिपोर्ट की अनदेखी का नतीजा है। संगठन के मुताबिक इस रिपोर्ट में देश के सबसे स्वच्छ शहर के पेयजल सप्लाई सिस्टम की गड़बड़ियों को लेकर गंभीर खुलासे किए गए थे।

‘जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश’ के संयोजक अमूल्य निधि ने कहा, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रहीं मौतें व्यवस्थागत कमजोरियों और सालों से ज्ञात कमियों के साथ ही कैग की 2019 की एक रिपोर्ट के गंभीर खुलासों को अनदेखा करने का नतीजा है।

निधि ने कैग की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इंदौर और भोपाल में 2013 और 2018 के बीच जल जनित बीमारियों के कुल 5.45 लाख मामले सामने आए थे क्योंकि इंदौर के 5.33 लाख परिवारों और भोपाल के 3.62 लाख परिवारों को शुद्ध पीने का पानी नहीं दिया जा रहा था और इस दौरान दोनों शहरों से लिए गए पानी के 4,481 सैंपल पीने लायक नहीं पाए गए थे।

शिकायत को हल करने में 22 से 108 दिन का समय

उन्होंने कहा, रिपोर्ट के मुताबिक दोनों शहरों के नगर निगम जलापूर्ति करने वाले पाइपलाइन के लीकेज की शिकायत को हल करने में 22 से लेकर 108 दिन तक का समय लगा रहे थे। ऐसे में लोगों की जान कैसे बचाई जा सकती है?

निधि ने बताया कि ‘जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश’ ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर कैग रिपोर्ट में किए गए खुलासों के आधार पर सूबे में पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

इंदौर के प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें इस प्रकोप में 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।

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