How Sonam Raghuvanshi Get Bail Police Error in Raja Raghuvanshi Murder case Charges Proved Crucial सोनम रघुवंशी को जमानत कैसे मिली? मर्डर वाली धारा पर पुलिस से बड़ी गलती; कोर्ट में दलील खारिज, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
More

सोनम रघुवंशी को जमानत कैसे मिली? मर्डर वाली धारा पर पुलिस से बड़ी गलती; कोर्ट में दलील खारिज

Sonam Raghuvanshi: राजा रघुवंशी मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय की अदालत से जमानत मिल गई। राजा के परिवार ने हैरानी जताई है। अदालत ने माना कि मर्डर वाली धारा को लेकर पुलिस से बड़ी गलती हो गई।

Wed, 29 April 2026 12:52 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान
share
सोनम रघुवंशी को जमानत कैसे मिली? मर्डर वाली धारा पर पुलिस से बड़ी गलती; कोर्ट में दलील खारिज

Sonam Raghuvanshi: चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में मंगलवार को तब बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग की अदालत से जमानत मिल गई। इस फैसले ने पुलिस की जांच प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। राजा रघुवंशी का परिवार फैसले के खिलाफ मेघालय हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। जमानत देते वक्त भी अदालत ने माना कि पुलिस से मर्डर की धारा को लेकर बड़ी गलती हो गई। आखिर में वही जमानत की बड़ी वजह बनी।

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार पत्नी सोनम रघुवंशी को करीब 11 महीने जेल में रहने के बाद जमानत मिल गई। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) दशलेन आर. खारबेंग ने चौथी सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। देशभर में चर्चा में रहे इस हनीमून मर्डर केस में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हत्या की जगह दूसरी धारा, पुलिस की बड़ी चूक उजागर

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में हत्या जैसी गंभीर धारा (103(1) बीएनएस) लगाने के बजाय ‘संपत्ति के बेईमानी से दुरुपयोग’ (403(1) बीएनएस) की धारा दर्ज कर दी। यह गलती सिर्फ एक कागज तक सीमित नहीं रही, बल्कि हर आधिकारिक दस्तावेज में दोहराई गई। पुलिस ने इसे सामान्य लिपिकीय त्रुटि बताया, लेकिन अदालत ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोनम घर आई तो मैं नहीं रहूंगा; जमानत मिलने के बाद भाई गोविंद ने क्या कहा?

गिरफ्तारी प्रक्रिया में कई खामियां सामने आईं

कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी, निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों में भी गलत धाराएं दर्ज थीं। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के कारणों से संबंधित फॉर्म में जरूरी कॉलम भी खाली छोड़ दिए गए थे, जिससे आरोपी को अपने खिलाफ लगे आरोपों की सही जानकारी नहीं मिल सकी।

संविधान के अधिकारों का उल्लंघन माना गया

अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण बताना उसका मौलिक अधिकार है। इस मामले में यह प्रक्रिया ठीक से नहीं अपनाई गई, जो संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी को दोषपूर्ण माना जा सकता है और जमानत दी जा सकती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:राजा रघुवंशी की कातिल पत्नी सोनम को जमानत, हनीमून मर्डर के 11 महीनों बाद राहत

वकील की अनुपस्थिति और लंबी हिरासत बनी आधार

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि शुरुआती पेशी के समय सोनम के पास वकील मौजूद नहीं था, जिससे वह अपने अधिकारों का तुरंत उपयोग नहीं कर सकी। इसके अलावा, वह जून 2025 से लगातार जेल में थी और ट्रायल की प्रक्रिया भी धीमी रही। अदालत ने इसे भी जमानत देने का एक अहम कारण माना।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:10 महीने बाद जेल से निकली सोनम रघुवंशी, पिता ने भरी मुचलके की रकम

हनीमून से हत्या तक: कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी ने 11 मई 2025 को सोनम से शादी की थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए और 23 मई को आखिरी बार देखे गए। 2 जून 2025 को सोहरा के पास गहरी खाई में राजा का शव मिला, जिसमें तेज धार हथियार से हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, सोनम का कथित तौर पर राज कुशवाहा से प्रेम संबंध था और दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोप है कि राज ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सोनम की मौजूदगी में राजा की हत्या की। इस केस में कुल 8 आरोपी हैं और सितंबर 2025 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।

रिपोर्ट -हेमंत

लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।