वंदे मातरम् पर कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम का पुलिस के सामने यूटर्न, इस्लाम का हवाला दे किया था इनकार
सोमवार को घंटों चली पूछताछ के दौरान फौजिया अलीम ने साफ कहा कि उन्हें वंदे मातरम् से कोई परहेज नहीं है और वे खुद भी इसे गाती हैं।

इंदौर में वंदे मातरम् विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहले इस्लाम के नाम पर वंदे मातरम् गाने से इनकार करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम ने आखिरकार पुलिस के सामने अपने ही बयान से पलटी मार दी। सोमवार को घंटों चली पूछताछ के दौरान उन्होंने साफ कहा कि उन्हें वंदे मातरम् से कोई परहेज नहीं है और वे खुद भी इसे गाती हैं।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे फौजिया अलीम भारी-भरकम वकीलों की टीम के साथ थाने पहुंचीं। उनके साथ उनके पति और बेटी भी मौजूद थे, जबकि पांच वकीलों की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा हाई-प्रोफाइल बना दिया। करीब पांच घंटे तक चली सख्त पूछताछ में एसीपी कोतवाली विनोद दीक्षित, थाना प्रभारी विजय सिसोदिया और महिला पुलिस अधिकारियों ने एक-एक सवाल पर उन्हें घेरा। पुलिस पहले से पूरी तैयारी के साथ बैठी थी और भाजपा नेताओं की शिकायत के आधार पर सवालों की लंबी सूची तैयार कर रखी थी।
फौजिया की बेटी ने पुलिस पर रौब झाड़ने की कोशिश की
पूछताछ के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब फौजिया की बेटी ने पुलिस पर दबाव बनाने और रौब झाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के सामने उसकी एक नहीं चली। इसके बाद फौजिया को अलग ले जाकर महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उनके बयान दर्ज किए गए। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि जांच अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है और नगर निगम सम्मेलन के दिन के वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे सच्चाई पूरी तरह सामने लाई जा सके।
गोलमोल जवाब देती नजर आईं
पूछताछ के दौरान जब फौजिया से सीधे सवाल किया गया कि उन्होंने वंदे मातरम् क्यों नहीं गाया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वे देर से पहुंची थीं, इसलिए नहीं गा सकीं। लेकिन जब पुलिस ने उन्हें उनका पुराना बयान दिखाया, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम् नहीं गाने की बात कही थी, तो वे गोलमोल जवाब देती नजर आईं और सीधे सवालों से बचती रहीं। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि किसी पर भी जबरदस्ती नहीं की जा सकती, लेकिन पुलिस ने भी दो टूक जवाब दिया कि संविधान की आड़ में राष्ट्रगीत का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सवाल- वंदे मातरम् क्यों नहीं गाया था?
जवाब- हम तो वंदे मातरम् गाते हैं, हमें इससे कोई परहेज नहीं है। उस दिन मैं देरी से गए थे, इसलिए नहीं गाया।
सवाल- एसीपी ने फौजिया को वीडियो दिखाते हुए पूछा कि आपने बयान में कहा था कि हम नहीं गाएंगे?
जवाब- इसका जवाब देने से फौजिया बचती रहीं। उन्होंने कहा कि संविधान में यह भी लिखा है कि कोई किसी से जबरदस्ती नहीं कर सकता।
मंगलवार को होगा रुबीना खान के बयान दर्ज
पूरे विवाद में अब कांग्रेस की दूसरी पार्षद रुबीना खान को पुलिस ने नोटिस जारी कर मंगलवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। गौरतलब है कि रुबीना खान ने नगर निगम सम्मेलन के दौरान विवादित बयान देते हुए कहा था कि “किसी के बाप में दम नहीं है जो वंदे मातरम् बुलवा सके”, हालांकि बाद में बढ़ते दबाव के चलते उन्होंने माफी जरूर मांग ली थी। अब पुलिस की जांच इस पूरे मामले में और भी बड़े खुलासे कर सकती है
रिपोर्ट -हेमंत




साइन इन