MP में सामने आया राजा रघुवंशी केस जैसा मामला; महिला ने प्रेमी के लिए 1 लाख की सुपारी दे पति को मरवाया
जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जब घटनास्थल पर मौजूद मृतक की पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की, तो महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस फरार सह-आरोपी सुरेंद्र की तलाश कर रही है।

मध्य प्रदेश में इंदौर के राजा रघुवंशी के जघन्य हत्याकांड को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि ऐसा ही एक मामला करीबी धार जिले से सामने आ गया है, जहां पर एक अन्य महिला ने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करते हुए अपने प्रेमी के हाथों अपने पति को मौत के घाट उतरवा दिया। धार पुलिस ने बुधवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की पत्नी ने ही अपने प्रेमी को पाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी और इसके लिए उसने अपने प्रेमी के जरिए एक अपराधी को 1 लाख रुपए की सुपारी दी थी।
यह हत्याकांड धार जिले के गोंदीखेड़ा चारण गांव में सामने आया था और इसके सिलसिले में पुलिस ने मृतक की पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पत्नी ने पति से पीछा छुड़ाने के लिए प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और इसे लूट का रूप देने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार महिला से मिले निर्देश के बाद प्रेमी कमलेश ने अपने दोस्त सुरेंद्र को हत्या के लिए 1 लाख रुपए की सुपारी दी थी।
लूट की आड़ में युवक को उतारा मौत के घाट
जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जब घटनास्थल पर मौजूद मृतक की पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की, तो महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस फरार सह-आरोपी सुरेंद्र की तलाश कर रही है। यह वारदात 7 अप्रैल की रात धार के राजोद थाना अंतर्गत ग्राम गौंडीखेड़ा चारण में हुई थी, जब लूट की घटना की आड़ में मिर्च-मसाला व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी ने भी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए शुरू में लूट की झूठी कहानी बताई थी। महिला ने कहा था कि कुछ लुटेरे आए थे, जिन्होंने नगद व गहने लूटकर पति की हत्या कर दी।
जांच के दौरान मृतक की पत्नी शक के घेरे में आई
हालांकि जब पुलिस ने जांच शुरू की तो खुद मृतक की पत्नी ही शक के घेरे में आ गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मिर्च मसाला व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित के यहां आधी रात अज्ञात बदमाशों ने पति-पत्नी को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था, इस दौरान व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित के साथ जमकर मारपीट भी की गई थी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आ गई थी। इस चोट की वजह से सरदारपुर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच के दौरान पति-पत्नी के रिश्तों में खटास की बात सामने आई और इसके बाद जब पत्नी प्रियंका से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपने प्रेमी संग षडयंत्रपूर्वक लूट की घटना की आड़ में पति को मौत के घाट उतरना कबूल किया।

पति-पत्नी के रिश्तों में थी कड़वाहट, प्रेमी से करवाई हत्या
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने लूट और हत्याकांड के इस षडयंत्र का खुलासा करते हुए बताया कि शुरू में मामला लूट और हत्या का लगा था। क्योंकि बताया गया था कि बदमाश घर में घुसे, पत्नी को बंधक बनाया और दूसरे कमरे में ले जाकर पति की हत्या कर फरार हो गए। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो यह पूरी कहानी संदिग्ध निकली और मामला सुनियोजित साजिश का बन गया। पूछताछ में सामने आया कि पति-पत्नी के रिश्ते खराब थे और महिला का राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित से प्रेम संबंध था। इसी के चलते दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
नौ साल से था महिला का प्रेम संबंध, पति बन रहा था रोड़ा
जांच में सामने आया कि प्रियंका की मुलाकात वर्ष 2017 में एक शादी समारोह में कमलेश नामक युवक से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। पति की रोकटोक और विवाद के चलते दोनों ने मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस ने बताया कि इस वारदात की साजिश करीब दस दिन पहले रची गई थी और इसके लिए आदतन अपराधी सुरेंद्र भाटी को एक लाख रुपए में सुपारी दी गई। 7 अप्रैल की रात आरोपी ने घर में घुसकर सो रहे देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को डकैती का रूप देने के लिए घर से आभूषण और नकदी भी ले जाई गई।
प्रेमी कमलेश ने 1 लाख रुपए में दी मारने की सुपारी
घटना के बाद प्रियंका ने परिजनों के सामने डकैती की कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस को उसके बयानों और गतिविधियों पर संदेह हुआ। साइबर जांच में सामने आया कि घटना के एक दिन पहले तक वह अपने प्रेमी के संपर्क में थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मामले में प्रियंका पुरोहित और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सुपारी किलर की तलाश जारी है। मामले के खुलासे में क्राइम ब्रांच सहित विभिन्न थानों की टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




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