इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर भड़कीं मायावती, जीतू पटवारी बोले- अधिकारी भी दूध के धुले नहीं
मायावती ने कहा है कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार आदि काफी घातक साबित हो रहा है और परिवार उजड़ रहे हैं, यह अति-दुखद व अति-चिन्तनीय है। वहीं जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा कि अधिकारी भी दूध के धुले नहीं हैं, भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं। पर इसे बीजेपी की टोली लीड करती है।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाते रहने की जरूरत है। मायावती ने ट्वीट कर कर कहा कि 'इंदौर शहर में प्रदूषित पानी पीने से अनेक निर्दोष नागरिकों की मौत और अन्य अनेक लोगों के बीमार हो जाने की अति-दुखद एवं चौंकाने वाली खबर काफी चर्चा में है। ऐसी सरकारी गैर-जिम्मेदारी और उदासीनता को लेकर लोगों में स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि पूरे देशभर में व्यापक आक्रोश भी स्वाभाविक है।'
उन्होंने आगे लिखा ‘वैसे तो लोगों को खासकर साफ हवा और पानी आदि मुहैया कराना हर सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, किन्तु यहां अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की तरह ही बुनियादी जनसुविधा के संबंध में भी सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार आदि काफी घातक साबित हो रहा है और परिवार उजड़ रहे हैं, यह अति-दुखद व अति-चिन्तनीय है।’

सख्त कदम उठाते रहने की जरूरत
बसपा सुप्रीमों ने कहा ‘इस प्रकार की नागरिकों के जान से खिलवाड़ करने की शर्मनाक घटना की रोकथाम के लिए राज्य सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाते रहने की जरूरत है। साथ ही, केंद्र की सरकार को भी इसका उचित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई जरूर करनी चाहिए ताकि देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी दर्दनाक घटनाए ना होने पाएं।’
'अधिकारी भी दूध के धुले नहीं'
वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा ‘रणनीतिक तौर पर बीजेपी अधिकारियों के माथे पर अपने भ्रष्टाचार को छिपाना चाहती है। मैं आप सबसे आग्रह करना चाहता हूं कि अधिकारी भी दूध के धुले नहीं हैं, भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं। पर इसे बीजेपी की टोली लीड करती है। ये लुटेरों की टोली है। लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कैलाश विजयवर्गीय को इस्तीफा देना चाहिए और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।’
सप्लाई का पानी गंदा हो गया था
आपको बता दें कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया था। अबतक इस मामले में कितने लोगों की मौत हुई इसकी तस्वीर साफ नहीं क्योंकि स्थानीय प्रशासन 4 मौतों की पुष्टि कर रहा है तो स्थानीय लोग 13 मौतों का दावा कर रहे हैं।




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