Bhopal Metro: भोपाल मेट्रो में सफर की हो गई शुरुआत, 20 रुपये है न्यूनतम किराया; टाइमिंग क्या
Bhopal Metro: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोग भी आज से मेट्रो ट्रेन के सुहाने सफर का आनंद ले सकेंगे। फर्स्ट फेज में मेट्रो एम्स स्टेशन से सुभाष नगर स्टेशन तक चलेगी। इसका न्यूनतम किराया 20 रुपये रखा गया है। फिलहाल ये मेट्रो 7 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोग भी आज से मेट्रो ट्रेन के सुहाने सफर का आनंद ले सकेंगे। फर्स्ट फेज में मेट्रो एम्स स्टेशन से सुभाष नगर स्टेशन तक चलेगी। इसका न्यूनतम किराया 20 रुपये रखा गया है। फिलहाल ये मेट्रो करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं। मेट्रो की इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ रानी कमलापति स्टेशन पर उतर कर वहां से एम्स तक जाने वाले लोगों को होगा। इससे यात्रा समय में कमी, सड़क के ट्रैफिक से निजात और आम जनता के लिए सबसे अधिक सुविधा हो सकेगी।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से एम्स स्टेशन तक स्कूली बच्चों के साथ यात्रा का लुत्फ उठाया।
अधिकतम 70 रुपये किराया, कोई छूट नहीं
भोपाल मेट्रो का संचालन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन 17 ट्रिप चलेंगी। प्रारंभिक चरण में मेट्रो एम्स स्टेशन से सुभाष नगर स्टेशन तक चलेगी। न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम किराया 70 रुपये निर्धारित किया गया है। मेट्रो प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भोपाल में इंदौर मॉडल की तरह किसी प्रकार की मुफ्त यात्रा या किराये में छूट लागू नहीं की जाएगी।
मेट्रो में पहले दो स्टेशनों तक यात्रा करने पर 20 रुपये, तीन से चार स्टेशनों के लिए 30 रुपये तथा पांच से आठ स्टेशनों तक 40 रुपये किराया देना होगा। पूरे कॉरिडोर के चालू होने पर अधिकतम किराया 70 रुपये रहेगा।
ये होंगे स्टेशन
भोपाल मेट्रो के फर्स्ट फेज में करीब लगभग 7 किलोमीटर लंबे ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर के इस खंड में 8 एलिवेटेड स्टेशन एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं। यह कॉरिडोर शहर के व्यस्त मार्गों पर नागरिकों को तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा।
टिकट व्यवस्था पूरी तरह मैन्युअल रहेगी
फिलहाल मेट्रो में टिकट व्यवस्था पूरी तरह मैन्युअल रहेगी। यात्रियों को रेलवे की तरह काउंटर से टिकट लेकर यात्रा करनी होगी। ऑनलाइन या ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम अभी लागू नहीं किया जाएगा।
कितनी होगी ट्रेन की स्पीड
भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन पर सुभाष नगर से एम्स के बीच मेट्रो की न्यूनतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। ट्रायल रन के दौरान कुछ हिस्सों में 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से भी ट्रायल किया गया था।
स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा नहीं
मेट्रो स्टेशनों पर केवल पिक एंड ड्रॉप की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था फिलहाल नहीं होगी, क्योंकि डीपीआर में पार्किंग का प्रावधान नहीं है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ बेहतर समन्वय की योजना बनाई गई है।
यात्रियों के लिए क्या सुविधाएं
भोपाल मेट्रो को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। सभी स्टेशनों पर हाई-स्पीड लिफ्ट और एस्केलेटर, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर सुविधा और ब्रेल साइनेज उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिए एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, प्लैटफॉर्म स्क्रीन डोर और ग्रेड-4 सिग्नलिंग सिस्टम लगाया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग से ऊर्जा उत्पादन और सोलर पावर का उपयोग किया गया है। मेट्रो कोच पूर्णत: वातानुकूलित हैं, जिनमें आरामदायक सीटिंग, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट तथा ऑडियो-विजुअल यात्री सूचना प्रणाली जैसी स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं। भोपाल मेट्रो का शुभारंभ राजधानी को स्मार्ट, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हर दिन 3 हजार यात्रियों के सफर करने का अनुमान
भोपाल मेट्रो के संचालन को राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। 30.8 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना से भोपाल के शहरी परिवहन को नई दिशा मिलेगी। परियोजना में दो कॉरिडोर ऑरेंज लाइन और ब्लू लाइन शामिल हैं, जिनकी लंबाई क्रमशः 16.74 किलोमीटर और 14.16 किलोमीटर है। यह मेट्रो सेवा शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ते हुए यातायात के दबाव को कम करेगी तथा पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देगी। पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 10 हजार 33 करोड़ रुपये है, जबकि प्रायोरिटी कॉरिडोर ऑरेंज लाइन पर 2 हजार 225 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस कॉरिडोर पर हर दिन लगभग 3 हजार यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।
मेट्रो के सेकेंड फेज में ये होगा रूट
आने वाले समय में सुभाष नगर से करोंद तक ऑरेंज लाइन के सेकेंड फेज तथा भदभदा से रत्नागिरी तक ब्लू लाइन के कार्य को गति दी जाएगी।




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