2 dead, many injured in roof collapse at underground coal mine in Shahdol MP MP के शहडोल में स्थित कोयला खदान में हादसा; दीवार ढहने से 2 मजदूरों की मौत, कई अन्य घायल, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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MP के शहडोल में स्थित कोयला खदान में हादसा; दीवार ढहने से 2 मजदूरों की मौत, कई अन्य घायल

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यहां स्थित अंडरग्राउंड कोयला खदान में हवा की आवाजाही को नियंत्रित करने, खतरनाक गैसों को फैलने से रोकने तथा अधूरे काम के हो चुके हिस्सों को सील करने के लिए एक सुरक्षा बैरियर बनाया जा रहा था।'

Fri, 5 June 2026 11:41 PMSourabh Jain हिन्दुस्तान टाइम्स, श्रुति तोमर, भोपाल, मध्य प्रदेश
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MP के शहडोल में स्थित कोयला खदान में हादसा; दीवार ढहने से 2 मजदूरों की मौत, कई अन्य घायल

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की एक अंडरग्राउंड कोयला खदान में शुक्रवार को छत का एक हिस्सा गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान बल्लू कोल और गोलू बैगा के तौर पर हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए इसे डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइन्स सेफ्टी (DGMS) को सौंप दिया गया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए धनपुरी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज (SHO) खेम सिंह पेंड्रो ने बताया कि यह हादसा SECL के सोहागपुर इलाके में स्थित बंगवार अंडरग्राउंड कोयला खदान में दोपहर करीब 3.30 बजे उस वक्त हुआ, जब मजदूर एक 'स्टॉपिंग वॉल' (सुरक्षा दीवार) बनाने का काम कर रहे थे। धनपुरी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज खेम सिंह ने बताया कि यह हादसा खदान के प्रवेश द्वार से लगभग दो किलोमीटर अंदर, पिलर नंबर 45 के पास हुआ। यह खदान जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। घायलों में से कुछ की पहचान अंजनी बैगा (38), अमित कुमार यादव (28), प्रेमलाल विश्वकर्मा (39) और राजकुमार यादव (37) के रूप में हुई है।

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स्टॉपिंग वॉल बनाने के दौरान हुआ हादसा

सिंह ने कहा, 'यह हादसा शुक्रवार दोपहर दूसरी शिफ्ट में स्टॉपिंग वॉल बनाने के दौरान हुआ। कमजोर मिट्टी और चट्टान वाली छत का एक हिस्सा अचानक गिर गया और मजदूर मलबे के नीचे दब गए। अधिकारियों ने बताया कि 'स्टॉपिंग वॉल' एक सुरक्षा ढांचा होता है जिसे अंडरग्राउंड कोयला खदानों में हवा के बहाव (वेंटिलेशन) को नियंत्रित करने, खतरनाक गैसों को फैलने से रोकने और छोड़े गए या काम हो चुके हिस्सों को सील करने के लिए सुरक्षा बैरियर बनाया जा रहा था।

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हवा के बाद बन गया था जबरस्त दबाव

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी सुजल वर्मा ने बताया कि, 'घटना के समय खदान के अंदर हवा का जबरदस्त दबाव था और तभी अचानक छत का एक हिस्सा ढह गया, जिससे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। छत गिरने के बाद धमाके जैसी तेज आवाज सुनाई दी, जिससे वहां मौजूद मजदूरों में अफ़रा-तफरी मच गई।'

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घायलों को बुढ़ार अस्पताल भेजा गया

हादसे के बाद खदान के अंदर गईं रेस्क्यू टीमों ने घायल मजदूरों को बाहर निकाला और फिर उन्हें शहडोल के बुढ़ार स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइन्स सेफ्टी (DGMS) की जबलपुर टीम इस हादसे की जांच करेगी। यह टीम शनिवार को घटनास्थल का दौरा करेगी और हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच करेगी।

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