मुंबई से 3 किमी दूर बसे इस हिल स्टेशन में कार ले जाना है सख्त मना! यहां पर टॉय ट्रेन या घुड़सवारी का लें मजा
India's Only Car-Free Hill Station: भारत के हर हिल स्टेशन में आप कार लेकर जा सकते हैं लेकिन मुंबई से 3 घंटे की दूरी पर बसे हिल स्टेशन पर नहीं। जी हां, इस हिल स्टेशन पर कार ले जाना मना है और यहां बिल्कुल प्रदूषण नहीं है। चलिए इसके बारे में जानते हैं।

आजकल हर जगह कार-बाइक चल रहे हैं, कोई ऐसी जगह नहीं बची है जहां कार नहीं चल रही हो लेकिन क्या आप जानते हैं मुंबई से 90 किमी दूर मतलब 3 घंटे की दूरी पर एक खूबसूरत हिल स्टेशन बसा है। जहां आज भी कार-बाइक नहीं चलते हैं। इस जगह पर जाने वाले लोगों की कार-बाइक हिल स्टेशन से बाहर ही खड़ी करवाई जाती है। अंदर जाने के लिए आपको टॉय ट्रेन, घुड़सवारी या फिर पैदल चलना पड़ेगा। इस हिल स्टेशन को अंग्रेजों ने खोजा था और आज भी ये वैसा ही बना हुआ है। बल्कि यहां पर प्रदूषण का नामोनिशान नहीं है और यहां पर सड़कें भी पक्की नहीं बनाई गई हैं। सुनने में लग रहा है ना ये मजेदार, तो चलिए आपको बताते हैं आखिर ये कौन सा हिल स्टेशन है और इसकी क्या खासियत है।
कौन सा है हिल स्टेशन
भारत में बसा है एशिया का एकमात्र कार-फ्री हिल स्टेशन है माथेरान। माथेरान बिल्कुल कार-फ्री और नेचर के करीब बसा हुआ है। यहां पर कार के हॉर्न नहीं बल्कि चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई देती है और पानी की कल-कल करती आवाज मन को सुकून देती है। साल 2003 में माथेरान को कार फ्री हिल स्टेशन घोषित कर दिया गया था और ये एशिया का एकमात्र कार फ्री हिल स्टेशन है। यहां पर जाने वाले टूरिस्ट को अपनी कार-बाइक दस्तूरी प्वॉइंट पर छोड़नी पड़ती है और फिर आगे का रास्ता टॉय ट्रेन, पैदल, हाथ वाले रिक्शा, घुड़सवारी से करना पड़ेगा।
सिर्फ 1 वाहन की अनुमति
माथेरान हिल स्टेशन पर जाने के लिए सिर्फ 1 वाहन को ही अनुमति मिली हुई है और वो है नगर पालिका की रजिस्टर्ड एम्बुलेंस। जब कोई बीमार होता है, तब इस एम्बुलेंस को एंट्री दी जाती है और फिर ये बाहर चली जाती है। इसके अलावा यहां कोई गाड़ी नहीं जा सकती। यहां की सड़कें लाल लेटराइट से बनी हुई हैं, जो पक्की नहीं है।

कब हुई खोज
भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन है माथेरान और इसकी खोज 1850 में थाना (अब ठाणे) के तत्कालीन जिला कलेक्टर ह्यूग पोयंट्ज़ मैलेट ने की थी। फिर अंग्रेजों ने समुद्र तल से 800 मीटर ऊपर बसे माथेरान को समर रीट्रीट यानी गर्मियों में समय बिताने के लिए बना दिया। साल 1880 में यूरोपियन एलिट्स ने यहां पर अपने घर बनाए और फिर पारसी लोग भी यहां आकर बसने लगे। यहां पर ज्यादातर लोग पारसी हैं और उन लोगों ने ही इसकी विकास की कमान संभाली। माथेरान में आज भी आपको ब्रिटिश के जमाने के घर, कला देखने को मिल जाएंगे।
टॉय ट्रेन का मजा
माथेरान घूमने के लिए आप टॉय ट्रेन का मजा ले सकते हैं। ये हिल स्टेशन ज्यादा बड़ा नहीं है, तो यहां पर टॉय ट्रेन से सबकुछ घुमा जा सकता है। इसके अलावा यहां पर हाथ वाले रिक्शा, घोड़े चलते हैं।

प्वॉइंट्स हैं खास
माथेरान करीब 40 प्वॉइंट्स का घर है। यहां पर सबसे खास है पैनोरमा पॉइंट, जहां से आप पड़ोसी शहर नेरल और आस-पास के क्षेत्रों को भी देख सकते हैं। दूसरा फेमस प्वॉइंट है लुईसा, जहां से प्रबल किला देखने को मिलेगा। इसके अलावा वन ट्री हिल पॉइंट, हार्ट पॉइंट, मंकी पॉइंट, रामबाग पॉइंट और पोरपाइन पॉइंट भी हैं, जहां से अलग-अलग नजारे आपको मिलेंगे। यहां पर चार्लोट झील भी है, जहां पर बोटिंग का मजा भी मिल जाएगा।
कैसे जाएं
माथेरान जाने के लिए आपको मुंबई से सीधी बस मिल सकती हैं या फिर आप अपनी कार से भी जा सकते हैं। बच्चों के साथ एक बार फैमिली ट्रिप पर आप यहां जरूर जाएं, पुरानी चीजें और बिना कार की जगह उन्हें काफी पसंद आएगी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन