चेनकल के इस मंदिर में है सबसे ऊंचा और आकर्षक शिवलिंग, जानिए इसके दर्शन के लिए कैसे पहुंचे Chenkal Maheswaram Shiva Temple Temple Famous for 111 feet tall Shivalingam learn how to reach here, Travel news in Hindi - Hindustan
More

चेनकल के इस मंदिर में है सबसे ऊंचा और आकर्षक शिवलिंग, जानिए इसके दर्शन के लिए कैसे पहुंचे

भारत में एक से बढ़कर एक खूबसूरत मंदिर हैं, जहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है। इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां पर सबसे ऊंचा और आकर्षक शिवलिंग है। जानिए इस मंदिर के बारे में और यहां दर्शन करने के लिए कैसे पहुंचे।

Mon, 9 March 2026 11:38 PMAvantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
share
चेनकल के इस मंदिर में है सबसे ऊंचा और आकर्षक शिवलिंग, जानिए इसके दर्शन के लिए कैसे पहुंचे

भारत में ढेरों मंदिर है और हर मंदिर की अपनी मान्यता है। कई मंदिरों का इतिहास काफी पुराना है तो वहीं कुछ मंदिर नए बनते जा रहे हैं। भारत में शिवलिंग वाले मंदिरों की संख्या अनगिनत है। कुछ शिव मंदिर रहस्य या धार्मिक महत्व के कारण पूरी दुनिया में फेमस हैं तो वहीं कुछ अनोखी बनावट की वजह से पहचाने जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है महेश्वरम श्री शिव पार्वती मंदिर, जिसे दक्षिण कैलाशम के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर आधुनिक वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है। जो केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के चेनकल में स्थित है। वैसे तो श्री कालाहस्ती या वदक्कुन्नथन जैसे दूसरे मंदिरों को ऐतिहासिक रूप से प्राचीन ग्रंथों में दक्षिण कैलाशम के रूप में चर्चित हैं, लेकिन चेनकल स्थित महेश्वरम मंदिर ने अपनी भव्यता और कैलाश-समान आध्यात्मिक अनुभव के कारण इस जगह को भी ये नाम दिया गया। आइए जानते हैं मंदिर के फेमस होने का कारण और यहां कैसे पहुंचे-

क्यों फेमस है मंदिर

ये मंदिर विश्व के सबसे ऊंचा शिवलिंगम की वजह से फेमस है। जिसकी ऊंचाई लगभग 111 फीट है। यह एक बहुमंजिला संरचना है जिसमें श्रद्धालु अंदर जा सकते हैं। इस शिवलिंगम के अंदर आठ परतें हैं, जो मानव शरीर के आठ चक्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में भारत के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित हैं। यहां आपको भगवान गणेश के 32 अलग-अलग रूपों के दर्शन करने का मौका मिलेगा।

क्यों कहा गया दक्षिण कैलाशम

इस मंदिर को दक्षिण कैलाशम इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका उद्देश्य भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित कैलाश पर्वत की आध्यात्मिक ऊर्जा को फिर स्थापित करना है। तभी इस विशाल शिवलिंग के अंदर मौन ध्यान के लिए खास जगह भी बनाई गई है।

मंदिर कैसे पहुंचे

ये मंदिर तिरुवनंतपुरम शहर से लगभग 25-30 किमी दूर है। इसके सबसे पास हवाई अड्डा तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है और निकटतम रेलवे स्टेशन धनुवाचापुरम या नेय्यत्तिनकारा है।

फोटो क्रेडिट-rashiii_upadhyay

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।