15 अगस्त पर झंडा फहराने से पहले जान लें पूरे नियम, वर्ना होगी सजा या लगेगा जुर्माना
Independence Day 2025 Flag Hoisting Rules : भारत में तिरंगा फहराने से जुड़े नियम कानून को फ्लैग कोड कहते हैं। इस फ्लैग कोड के अनुसार अगर कोई व्यक्ति तिरंगे का अपमान करता हुआ पाया जाता है तो उसे 3 साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों सजाएं दी जा सकती हैं।

हर साल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का पर्व पूरा भारत बेहद उत्साह और जोश के साथ मनाता है। इस दिन भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। 15 अगस्त के दिन पूरे देश में, गलियों से लेकर स्कूलों तक, हर जगह तिरंगा लहराया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि तिरंगे के प्रति सम्मान, देश के प्रति सम्मान माना जाता है। लेकिन कई बार लोग जाने-अनजाने तिरंगा फहराते समय कुछ गलतियां कर बैठते हैं। जिससे राष्ट्रीय ध्वज का बड़ा अपमान होता है। राष्ट्रीय ध्वज के इस अपमान को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा बनाए गए Flag Code of India, 2002 में झंडा फहराने से जुड़ी सभी जरूरी बातों का उल्लेख किया गया है। बता दें, भारत में तिरंगा फहराने से जुड़े नियम कानून को फ्लैग कोड कहते हैं। इस फ्लैग कोड के अनुसार अगर कोई व्यक्ति तिरंगे का अपमान करता हुआ पाया जाता है तो उसे 3 साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। आइए जानते हैं क्या हैं स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के नियम।
ये हैं स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के नियम
-किसी राष्ट्रीय पर्व या आयोजन में फहराया जाने वाला झंडा गंदा या फटा हुआ नहीं होना चाहिए।
-भारत का राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा किसी भी तरह से जमीन को नहीं छूना चाहिए।
-तिरंगे में अंकित अशोक चक्र झंडे के बिल्कुल बीच में और सफेद पट्टी पर होना चाहिए। साथ ही इसमें 24 तीलियां होनी चाहिए।
-झंडे की तह करते समय ध्यान रखें कि केसरिया और हरे रंग की पट्टियों को सफेद पट्टी के नीचे मोड़ें।
-स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा आमतौर पर सूर्योदय के समय या सुबह 9 बजे के आसपास फहराया जाता है। इसके बाद राष्ट्रगान गान और सलामी दी जाती है।
-तिरंगे का अनुपात 3:2 होना चाहिए। जिसमें सबसे ऊपर केसरी, बीच में सफेद और नीचे हरा रंग होना चाहिए। झंडे के बीच में नीले रंग का 24 तीलियों वाला अशोक चक्र बना होना चाहिए।
-तिरंगे पर कोई तस्वीर, प्रतीक, शब्द या फूल नहीं चिपकाया जाना चाहिए। ऐसा करना नियम का उल्लंघन है, जिसके लिए व्यक्ति को दंड मिल सकता है।
-झंडा फहराते समय राष्ट्रगान गाया जाता है। उस समय वहां मौजूद सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना चाहिए और तिरंगे को सम्मान देना चाहिए। बता दें राष्ट्रगान 52 सेकेंड में पूरी हो जानी चाहिए।
-झंडा अगर किसी मंच पर फहराया जा रहा है तो उसे फहराने वाले शख्स का मुंह श्रोताओं की ओर और झंडा उसके दाहिनी ओर होना चाहिए।
-झंडा फहराते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि झंडा हर किसी को उसकी जगह से दिखाई दे।
-अगर कोई व्यक्ति तिरंगे का अपमान करता हुआ पाया जाता है तो उसे 3 साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों सजाएं दी जा सकती हैं।
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