प्यार का जश्न या उम्मीदों का बोझ: जानें क्यों कुछ कपल्स के लिए वेलेंटाइन डे बन जाता है तनाव की वजह do you know why valentines day triggers anxiety not love for many couples here is what relationship coach answer, रिलेशनशिप टिप्स - Hindustan
More

प्यार का जश्न या उम्मीदों का बोझ: जानें क्यों कुछ कपल्स के लिए वेलेंटाइन डे बन जाता है तनाव की वजह

वैलेंटाइन डे चिंता पैदा नहीं करता, वह उसे उजागर करता है। यह उन जगहों को सामने लाता है जहां बातचीत अधूरी है, उम्मीदें मेल नहीं खातीं, या भावनात्मक जरूरतें कही नहीं गई हैं।

Thu, 12 Feb 2026 02:20 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
share
प्यार का जश्न या उम्मीदों का बोझ: जानें क्यों कुछ कपल्स के लिए वेलेंटाइन डे बन जाता है तनाव की वजह

वेलेंटाइन डे को लेकर अक्सर कपल्स ने अपने दिल में एक गुलाबी तस्वीर बनाई हुई होती है, जिसमें प्यार के इस हफ्ते में हर दिन पार्टनर अपनी साथी पर खुशियां और तोहफों की बारिश करता रहता है, लेकिन हकीकत में कई जोड़ों के लिए यह दिन किसी उत्सव से ज्यादा एक कठिन 'इम्तिहान' की तरह होता है। दरअसल, जब प्यार को महंगे गिफ्ट्स, शानदार डेट्स और सोशल मीडिया पर चमकते दिखावे के चश्मे से नापा जाने लगे, तो दिलों के बीच का सुकून अक्सर चिंता और तनाव में बदल जाता है। यह दिन कई बार पार्टनर पर यह साबित करने का अनकहा दबाव डाल देता है कि उनका प्यार दूसरों से कैसे बेहतर है और यही 'परफेक्ट' दिखने की होड़ रिश्तों की सहजता को छीन लेती है। ऐसे में, वह रिश्ता जो एक-दूसरे का सहारा होना चाहिए था, उम्मीदों के बोझ तले दबकर घबराहट और उलझन का कारण बनने लगता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:40 की उम्र और मेनोपॉज: खत्म नहीं, यहां से शुरू होता है असली रोमांस

गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और मनोचिकित्सक डॉ. चांदनी तुगनैत कहती हैं कि वैलेंटाइन डे अक्सर एक अजीब-सा भावनात्मक दबाव लेकर आता है। कई बार ऐसे कपल्स भी, जो एक-दूसरे की सच में परवाह करते हैं, इस दिन के आसपास बेचैनी, चिड़चिड़ापन या दूरी महसूस करने लगते हैं। यह दिन प्यार का जश्न मनाने के लिए होता है, लेकिन कई रिश्तों में इसका असर उलटा दिखता है। जिसकी वजह रोमांस नहीं, बल्कि वे अनकही उम्मीदें होती हैं जो यह दिन रिश्तों पर डाल देता है।

जब वैलेंटाइन डे पर बढ़ जाता है प्यार साबित करने का दवाब

वैलेंटाइन डे की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह कपल्स पर प्यार को एक ही दिन साबित करने का दबाव बना देता है। प्यार, जो रोजमर्रा के छोटे-छोटे व्यवहारों से बढ़ता है, अचानक ऐसा लगने लगता है जैसे उसे उसी दिन दिखाना या साबित करना जरूरी हो। उदाहरण के लिए, क्या मेरे पार्टनर ने कुछ प्लान किया? क्या उन्हें याद रहा? क्या उन्होंने उतनी कोशिश की, जितनी मुझे उम्मीद थी?जब प्यार को इस तरह तौला जाने लगता है, तो मजबूत रिश्ते भी असुरक्षित लगने लगते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बियर हग से फोरहेड हग तक...ये हैं दिल में उतरने वाले 7 तरह के हग्स और उनके मतलब

जब होने लगे खामोश उम्मीदों का टकराव

अकसर देखा जाता है कि अधिकांश कपल्स वैलेंटाइन डे पर अपने साथी से बात किए बिना ही उसके पास कई उम्मीदें लेकर पहुंच जाते हैं। एक साथी भावनात्मक जुड़ाव और भरोसे की चाह रखता है, जबकि दूसरा मानता है कि प्यार पूरे साल की निरंतरता से दिखता है, किसी एक दिन से नहीं। जब ये अनकही उम्मीदें टकराती हैं, तो निराशा जन्म लेती है और उससे पैदा हुआ तनाव अक्सर झगड़े जैसा दिखता है, जबकि असल में यह संवाद की कमी होती है।

दबाव में रोमांस खो देता है अपनी गर्माहट

वैलेंटाइन डे के दिन यह उम्मीद जताई जाती है कि कपल्स को रोमांटिक ही महसूस करना है। जबकि भावनात्मक जुड़ाव किसी तय तारीख पर महसूस नहीं होता है। काम का दबाव, जिम्मेदारियां, बच्चों की परवरिश या मानसिक थकान झेल रहे कपल्स के लिए यह 'तयशुदा रोमांस' बनावटी लग सकता है। नजदीकी बढ़ने की जगह यह पहले से मौजूद भावनात्मक दूरी को और साफ दिखा देता है।

पुरानी अधूरी भावनाओं का उभर आना

यह दिन अक्सर दबी हुई भावनाओं को बाहर ले आता है। अगर रिश्ते में दूरी, नाराजगी या अधूरी जरूरतें रही हैं, तो वैलेंटाइन डे उन्हें उभार देता है। कई बार एक साथी चुपचाप उम्मीद करता है कि यह दिन सब ठीक कर देगा। जब ऐसा नहीं होता, तो निराशा और गहरी हो जाती है, क्योंकि उम्मीद पहले से ही उस दिन से जुड़ी होती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पार्टनर को नहीं लगा पा रहे गले, रिश्ते में गर्माहट बनाए रखेंगे 'हग डे' मैसेज

दिन खराब न हो जाए, इस डर में सच छिपा लेना

बहुत-से लोग वैलेंटाइन डे पर खुश दिखने की कोशिश करते हैं। जिसके लिए वे कई बार सच्ची बातों को टालकर मन की बात भीतर ही दबा लेते हैं और सोचते हैं कि बाद में बात कर लेंगे। लेकिन जो भावनाएं टाली जाती हैं, वे अक्सर चिड़चिड़ेपन या दूरी के रूप में बाहर आ जाती हैं। जब ईमानदारी जोखिम भरी लगने लगे, तो प्यार में तनाव आना स्वाभाविक है।

वैलेंटाइन डे का असल मतलब

वैलेंटाइन डे चिंता पैदा नहीं करता, वह उसे उजागर करता है। यह उन जगहों को सामने लाता है जहां बातचीत अधूरी है, उम्मीदें मेल नहीं खातीं, या भावनात्मक जरूरतें कही नहीं गई हैं। जब कपल्स यह मानना छोड़ देते हैं कि एक दिन उनका रिश्ता तय करेगा, और खुलकर बात करना शुरू करते हैं, तो उस एक दिन को परफेक्ट बनाने का दबाव खत्म हो जाता है। जब वैलेंटाइन डे को परीक्षा नहीं, बल्कि एक सामान्य दिन मानकर सेलीब्रेट किया जाता है, तब प्यार ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है। ऐसा प्यार रोज जिया जाता है, साल में एक बार आंका नहीं जाता।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।