Ram Ji ke Bhajan Lyrics: रामनवमी पर गाएं भगवान राम के ये पॉपुलर भजन, नोट कर लें लिरिक्स ramnavami 2026 popular 5 ram ji ke bhajan lyrics in hindi ram bhajan, लाइफस्टाइल - Hindustan
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Ram Ji ke Bhajan Lyrics: रामनवमी पर गाएं भगवान राम के ये पॉपुलर भजन, नोट कर लें लिरिक्स

Ram Bhajan List: राम नवमी के मौके पर भगवान राम की श्रद्धापूर्वक आरती के बाद भजन-कीर्तन करना है तो इन पॉपुलर और एवरग्रीन भजनों के बोल याद कर लें। यहां से नोट कर लें राम भजन के लिरिक्स।

Wed, 25 March 2026 01:57 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
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Ram Ji ke Bhajan Lyrics: रामनवमी पर गाएं भगवान राम के ये पॉपुलर भजन, नोट कर लें लिरिक्स

27 मार्च को चैत्र मास की नवमी तिथि को रामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा। घड़ी की सूई जैसे ही दोपहर में ठीक 12 पर जाएगी भगवान राम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। ढोल, नगाड़े और शंखध्वनि के साथ भगवान राम का उत्सव तो मनाया ही जाता है। साथ ही भजन-कीर्तन भी भक्त बड़े भाव से गाते हैं। अब अगर आपको राम के भजन नहीं याद तो इन पॉपुलर और पुराने एवरग्रीन राम भजन को जरूर याद कर लें। यहां से नोट कर लें राम भजन के बोल।

भगवान राम के 5 पॉपुलर भजन Lyrics

भजन 1) राम आएंगे आएंगे,राम आएंगे,

राम आएंगे आएंगे,राम आएंगे,

मेरी झोपडी के भाग,आज जाग जाएंगे, राम आएँगे ॥

राम आएंगे तो, आंगना सजाऊंगी,

दिप जलाके, दिवाली मनाऊंगी,

मेरे जन्मो के सारे, पाप मिट जाएंगे,

राम आएंगे,

मेरी झोपडी के भाग,आज जाग जाएंगे,

राम आएंगे ॥

राम झूलेंगे तो, पालना झुलाऊंगी,

मीठे मीठे मैं, भजन सुनाऊंगी,

मेरी जिंदगी के, सारे दुःख मिट जाएंगे,

राम आएंगे,

मेरी झोपडी के भाग, आज जाग जाएंगे,

राम आएंगे ॥

मेरा जनम सफल, हो जाएगा,

तन झूमेगा और, मन गीत गाएगा,

राम सुन्दर मेरी, किस्मत चमकाएंगे,

राम आएंगे,

मेरी झोपडी के भाग, आज जाग जाएंगे,

राम आएंगे ॥

भजन 2) रघुपति राघव राजाराम

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम

सुंदर विग्रह मेघश्याम

गंगा तुलसी शालिग्राम

भद्रगिरीश्वर सीताराम

भगत जनप्रिय सीताराम

जानकीरमणा सीताराम

जयजय राघव सीताराम

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम

भजन 3) सीताराम सीताराम सीताराम कहिए

सीताराम सीताराम सीताराम कहिए।

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए।।

मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में,

तू अकेला नहीं प्यारे, राम तेरे साथ में,

विधि का विधान जान, हानि-लाभ सहिए।।

किया अभिमान तो फिर मान नहीं पाएगा,

होगा वही प्यारे जो श्रीराम जी को भाएगा,

फल आशा त्याग शुभ कर्म करते रहिए।।

जिन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के,

महलों में राखे चाहे झोंपड़ी में वास दे,

धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिए।।

आशा एक राम जी से दूजी आशा छोड़ दे,

नाता एक राम जी से दूजा नाता तोड़ दे,

काम रस त्याग प्यारे राम रस गहिए।।

भजन 4) दुनिया चले ना श्री राम के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,

राम जी चले ना हनुमान के बिना ।

जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है,

रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना ॥

लक्ष्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था,

लक्ष्मण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना हनुमान के बिना ॥

सीता हरण की कहानी सुनो, ‘बनवारी’ मेरी जुबानी सुनो,

वापिस मिले ना श्री राम के बिना, पता चले ना हनुमान के बिना ॥

बैठे सिंघासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हैं हनुमान जी,

मुक्ति मिले ना श्री राम के बिना, भक्ति मिले ना हनुमान के बिना ॥

भजन 5- सीता राम जी की प्यारी ( तर्ज – मीठे रस से भरयो री राधा)

सीता राम जी की प्यारी,

राजधानी लागे,

राजधानी लागे,

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।।

धन्य कौशल्या धन्य कैकई,

धन्य सुमित्रा मैया,

धन्य सुमित्रा मैया..

धन्य भूप दशरथ जी के आंगन,

खेलत चारो भैया,

मीठी तोतली रसीली प्रभु की,

वाणी लागे,

प्रभु की वाणी लागे,

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।

छोटी छावनी रंगमहल,

हनुमान गढ़ी अति सुन्दर,

हनुमान गढ़ी अति सुन्दर..

स्वयं जगत के मालिक बैठे,

कनक भवन के अंदर,

सीता राम जो की शोभा,

सुखधानी लागे,

सुखधानी लागे..

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।

सहज सुहावन जनम भूमि,

श्री रघुवर राम लला की,

श्री रघुवर राम लला की,

जानकी महल सूचि सुन्दर शोभा,

लक्ष्मण ज्यूत किला की,

यहाँ के कण कण से,

प्रीत पुरानी लागे,

प्रीत पुरानी लागे..

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।

जय सियाराम दंडवत भैया,

मधुरी वाणी बोले,

मधुरी वाणी बोले..

करे कीर्तन संत मगन मन,

गली गली मे डोले,

सीता राम नाम धुन प्यारीं,

मस्तानी लागे,

मस्तानी लागे..

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।

रघुपत प्रेम प्राप्त करके सब,

पी कर श्री हरी रस को,

पी कर श्री हरी रस को..

गण ‘राजेश’ रहे नित निर्भय,

फिकर कहो क्या उसको,

जिसको मात पिता रघुराज,

सिया महारानी लागे,

सिया महारानी लागे..

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।

सीता राम जी की प्यारी,

राजधानी लागे,

राजधानी लागे,

मोहे मिठो मिठो,

सरयू जी रो पानी लागे ।।

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