फादर ने शेयर किया अपना अनुभव! बच्चे के नर्सरी में एडमिशन के समय ये बातें जरूर ध्यान रखें
Every Parents Should Know Things When Go For Nursery Admission: बच्चे का एडमिशन नर्सरी या प्ले क्लास में करवाने जा रहे और अच्छा स्कूल खोज रहे तो जान लें कौन सी बातों को ध्यान में रखना अच्छा होगा। मैथ्स ट्रेनर ने शेयर किया एक्सपीरिएंस।

बच्चे के 2 साल का होते ही ज्यादातर पैरैंट्स बच्चों की स्कूलिंग की चिंता करने लगते हैं। कई बार खुद से तो कई बार सोसाइटी के प्रेशर में वो ऐसे स्कूल में बच्चे का एडमिशन करा देते हैं जहां बच्चा जरा भी कंफर्टेबल नहीं होता या फिर स्कूल जाने से ही डरने लगता है। मैथ्स ट्रेनर और एजुकेशनिस्ट ने अपना अनुभव शेयर कर बताया है कि जब भी बच्चे का एडमिशन नर्सरी क्लास में कराने के लिए जा रहे हों और अच्छा बड़ा स्कूल सर्च कर रहे हों तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। जिससे बच्चे की एजुकेशन ग्रोथ के साथ पर्सनल ग्रोथ बनी रहे। बच्चे का सारा टाइम केवल स्कूल के डर में ना बीते बल्कि वो ज्यादा से ज्यादा चीजें सीख सके।
बच्चे के स्कूल की दूरी
बच्चे का एडमिशन नर्सरी क्लास में करवाने जा रहे हैं तो कुछ प्रैक्टिकल चीजों का ध्यान रखें। जैसे स्कूल की दूरी 4-5 किमी तक है तो उसे वैन या बस से भेजने की बजाय खुद लेने और छोड़ने जाएं। स्कूल ट्रांसपोर्ट से जाने-आने में ज्यादा समय लगता है, छोटा बच्चा थक जाता है। आप अगर खुद लेने जाएंगे तो बच्चे का मनोबल बढ़ेगा और उसका टाइम भी बचेगा। ऐसा करने से बच्चे का स्कूल जाने में ज्यादा मन लगेगा।
स्कूल का कैरीकुलम चेक करें
जिस भी स्कूल में एडमिशन करा रहें उसकी वेबसाइट पर कैरिकुलम चेक कर लें। बच्चे को क्या पढ़ाया जाएगा, उसमे लर्निंग मैटेरियल क्या है, क्या वो एज एप्रोप्रिएट हैं, आउटडोर एक्टीविटी क्या है, कितनी है, फिजिकल एक्टीविटी पर कितना फोकस किया जा रहा। बच्चे के लिए क्रिएटिव एक्सप्रेशन क्या है, म्यूजिक, आर्ट एंड क्रॉफ्ट की एक्टीविटी कितनी होती है। इन सारी चीजों को जरूर देखें।
टीचर और स्टूडेंट का रेशियो
मैथ्स ट्रेनर ने बताया कि वो अपने बच्चे का एडमिशन ऐसी जगह नहीं कराउंगा जहां पर टीचर और बच्चों का रेशियो बैलेंस ना हो। अच्छे से अच्छे स्कूल में अगर 40 बच्चों पर एक टीचर का रेशियो है तो वहां एडमिशन नहीं कराउंगा। 20-25 बच्चों पर एक टीचर का रेशियो होना सही है।
प्लेग्राउंड पर फोकस नहीं
काफी सारे स्कूल अपने बड़े प्लेग्राउंड पर फोकस करते हैं और स्कूल की खासियत में गिनाते हैं। लेकिन प्राइमरी लेवल की पढ़ाई में स्कूल का बड़ा प्लेग्राउंड ज्यादा मायने नहीं रखता। इसलिए अपने छोटे बच्चे का एडमिशन नर्सरी, प्ले क्लास में करवाने जा रहे तो इन प्रैक्टिकल बातों का ध्यान जरूर रखें।
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