फिटनेस कोच ने समझाया ये 7 आदतें दरअसल, न्यूट्रिशन की कमी का होती हैं सिग्नल
Body Signals these weird signs of nutrition deficiency: बॉडी में कई बार खास तरह के न्यूट्रिशन की कमी होती है। जिसे लोग बिहेवियर की गड़बड़ी समझ लेते हैं लेकिन ये शरीर में सही पोषण की कमी की ओर इशारा करती हैं।

हेल्दी रहने के लिए डेली रूटीन में कई सारी चीजें मैटर करती हैं। शरीर में सही न्यूट्रिशन की कमी की वजह से कई बार ऐसे संकेत मिलते हैं, जिन्हें हम पोषण की कमी ना समझकर आदतों की कमी समझ बैठते हैं। लेकिन दरअसल, बॉडी में प्रोटीन से लेकर मिनरल्स की कमी की वजह से ही ये बिहेवियर दिखता है। इंस्टाग्राम पर फिटनेस कोच अंकित गुप्ता ने ऐसे ही कुछ वियर्ड साइन को शेयर किया है, जिसे अक्सर लोग इग्नोर करते हैं। लेकिन ये वियर्ड बिहेवियर न्यूट्रिशन की कमी की वजह से होते हैं।
रात को मीठे की क्रेविंग्स होना
रात को अगर खाना खाने के बाद मीठा खाने की अचानक से क्रेविंग्स होती है तो ये आपकी डाइट में प्रोटीन की कमी है या फिर आपकी नींद नहीं पूरी हो पा रही है।
खाने के एक घंटे बाद फिर से भूख लगना
खाना खाने के मात्र एक घंटे बाद ही अगर भूख लग जाती है तो ये संकेत है कि आपका ब्लड शुगर स्पाइक हो रहा है। दरअसल खाने के बाद ब्लड में शुगर की मात्रा तेजी से बढ़ती है और फिर तेजी से शुगर डाउन होता है। जिससे मात्र खाने के एक घंटे बाद ही फिर से भूख लग जाती है।
दिन भर स्नैकिंग का मन करता है
अगर आपको भी दिनभर स्नैक्स खाने का दिल करता है तो ये सामान्य बात नही है। अक्सर डाइट में प्रोटीन की कमी होने की वजह से या फिर नींद की कमी की वजह से ऐसा महसूस होता है। काफी सारे लोगों को दिनभर खाने की आदत पड़ जाती है। जिससे निकलना जरूरी होता है।
स्ट्रेस में जंक फूड खाना
अगर जरा सा मूड खराब होते ही जंक फूड खाने की याद आती है तो ये केवल स्ट्रेस क्रेविंग नही है। दरअसल, आपका माइंड सेट हो चुका है कि जब भी स्ट्रेस हो तो कंफर्ट के लिए जंक फूड खाना अच्छा होता है।
मीठा छोड़ने के बाद मूड स्विंग्स
हेल्दी रहने के लिए मीठा खाना छोड़ दिया है। लेकिन दो दिन बाद ही चिड़चिड़ाहट महसूस होती है तो पैनिक होने की बजाय शांत रहे क्योंकि ये डिटॉक्स नहीं बल्कि ब्रेन रिवायरिंग है। एक दो दिन और मीठा ना खाने के इरादे पर डटे रहने के बाद माइंड को इसकी आदत हो जाती है।
चॉकलेट के बगैर दिन अधूरा लगता है
अगर दिनभर में चॉकलेट खाए बगैर कुछ अधूरा सा लगता है तो ये माइंड की डिपेंडेंसी है ब्रेन को डोपामाइन हार्मोन उपलब्ध कराने की। दरअसल, डोपामाइन हैप्पी हार्मोन है जो चॉकलेट खाने से तेजी से रिलीज होता है। लेकिन मूड फ्रेश करने और हैप्पी हार्मोन के लिए चॉकलेट पर डिपेंड रहना भी ठीक नहीं।
बार-बार फ्रिज खोलना
अगर आप भी बार-बार फ्रिज खोलकर कुछ खाने के लिए खोजते हैं, तो ये भूख नहीं बल्कि दिमाग के खाली होने का सिग्नल है, मतलब कि आप बोर हो रहे हो।
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